सरकार के इस फैसले का उद्देश्य सेना में अपनी सेवा पूरी कर चुके युवाओं को प्रदेश की सरकारी सेवाओं में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
किन-किन विभागों में मिलेगा 20% आरक्षण?
पूर्व अग्निवीरों को उत्तर प्रदेश के चार विभागों की सीधी भर्ती में आरक्षण का लाभ मिलेगा।
1. पुलिस विभाग: सिपाही सहित संबंधित पदों की भर्ती।
2. वन विभाग: वन विभाग के निर्धारित भर्ती पदों पर अवसर।
3. कारागार विभाग: जेल वार्डर के पदों पर आरक्षण।
4. परिवहन विभाग: एनफोर्समेंट कांस्टेबल के पदों पर आरक्षण।
उम्र सीमा में मिलेगी 3 साल की छूट
इस फैसले के तहत पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की छूट देने का प्रावधान किया गया है। अधिकतम उम्र सीमा 25 साल से बढ़ाकर 28 साल करने की व्यवस्था बताई गई है। इससे अधिक युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिलेगा।
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लिखित और शारीरिक परीक्षा से भी मिलेगी छूट?
रिपोर्ट के मुताबिक, संशोधित भर्ती नियमों के तहत पात्र पूर्व अग्निवीरों को लिखित और शारीरिक परीक्षा से छूट देने का भी प्रावधान है। उन्हें मेडिकल परीक्षण से गुजरना होगा। हालांकि, संबंधित पदों की अंतिम चयन प्रक्रिया और पात्रता भर्ती विज्ञापन एवं विभागीय नियमों के अनुसार होगी।
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अपनी मूल श्रेणी में मिलेगा आरक्षण का लाभ
पूर्व अग्निवीरों को उनकी मूल सामाजिक श्रेणी के अनुसार आरक्षण का लाभ मिलेगा। यानी सामान्य, ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को उनकी संबंधित श्रेणी में ही 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में अग्निपथ योजना शुरू की थी। इसके तहत सेना में अग्निवीरों की नियुक्ति चार साल के लिए की जाती है। चार साल की सेवा पूरी होने के बाद सभी अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल नहीं किया जाता। ऐसे में सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना इस फैसले का प्रमुख उद्देश्य है।
युवाओं के लिए क्या है इसका मतलब?
योगी सरकार के इस फैसले से सेना में अनुशासन, प्रशिक्षण और अनुभव हासिल करने वाले पूर्व अग्निवीरों को राज्य की सरकारी नौकरियों में अवसर मिलेगा। अब युवाओं की नजरें संबंधित विभागों की आगामी भर्ती और विस्तृत नियमावली पर रहेंगी।



