नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 2 नवंबर को शानदार तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया। बाजार में आई इस तेजी के पीछे कई अहम वजहें रहीं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की एक बड़ी सिफारिश को लेकर हो रही है। दरअसल, SEBI ने विदेशी निवेशकों को शेयर बाजार में आकर्षित करने के लिए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG
सोमवार को बाजार बंद होने पर BSE सेंसेक्स 1.66 फीसदी यानी 1,237 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ 75,692.78 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं NSE निफ्टी 50 में 1.68 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और यह 23,440.80 के स्तर पर बंद हुआ। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में दोनों प्रमुख सूचकांकों में करीब 3.3 फीसदी की बढ़त देखने को मिली।
SEBI ने LTCG टैक्स हटाने का दिया सुझाव
रिपोर्ट के मुताबिक, SEBI ने सरकार से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) पर लगने वाला लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स हटाने की सिफारिश की है। इसके साथ ही घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों को भी राहत देने का प्रस्ताव रखा गया है।
प्रस्ताव के अनुसार, यदि कोई निवेशक एक साल से ज्यादा समय तक रखी गई म्यूचुअल फंड यूनिट्स को बेचकर किसी दूसरी म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करता है, तो इस स्विचिंग पर LTCG टैक्स से छूट देने पर विचार किया गया है।
हालांकि, यह केवल सिफारिश है। इसे लागू करने का अंतिम फैसला केंद्र सरकार को लेना है। इस पर फरवरी 2027 के आम बजट में फैसला आने की संभावना जताई जा रही है।
विदेशी निवेशक क्यों बना रहे हैं दूरी?
भारतीय शेयर बाजार पिछले दो वर्षों से कई उभरते बाजारों के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों से रिकॉर्ड 31 अरब डॉलर की निकासी की है।
विदेशी निवेशकों की शिकायत रही है कि भारत में निवेश पर टैक्स और ट्रांजैक्शन लागत काफी ज्यादा है। फिलहाल एक साल से अधिक समय तक रखे गए शेयरों पर 12.5 फीसदी LTCG टैक्स और एक साल से कम समय में बेचने पर 20 फीसदी STCG टैक्स लगता है।
SEBI का मानना है कि टैक्स का बोझ कम होने से विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार अधिक आकर्षक बन सकता है।
रिलायंस के शेयरों ने भी बाजार को दिया सहारा
बाजार में तेजी की दूसरी बड़ी वजह रिलायंस इंडस्ट्रीज के शानदार तिमाही नतीजे रहे। कंपनी के शेयरों में करीब 11.6 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। बेहतर मुनाफे के आंकड़ों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी बाजार को मजबूती दी।
क्या आगे भी जारी रहेगी बाजार की तेजी?
विशेषज्ञों का मानना है कि LTCG टैक्स में राहत मिलने से विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है, लेकिन केवल टैक्स हटाने से बाजार में लगातार विदेशी निवेश की गारंटी नहीं है। इसके लिए कंपनियों की कमाई में सुधार, शेयरों का उचित मूल्यांकन और रुपये की स्थिरता भी जरूरी होगी।
फिलहाल निवेशकों की नजर सरकार के अगले बजट पर टिकी है। अगर सरकार SEBI की सिफारिशों को मंजूरी देती है, तो भारतीय शेयर बाजार के लिए यह बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।