डूडा और नगर निगम के बीच जिम्मेदारी के विवाद का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। आरोप है कि सरकारी कागजों में सड़क और नाली निर्माण के काम पूरे दिखाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य अधूरे हैं या नजर ही नहीं आ रहे।
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के पारा स्थित न्यू हैदरगंज तृतीय वार्ड के बीबीखेड़ा आवास विकास, महम सिटी और सुरेंद्र विहार क्षेत्रों में सड़क और नाली निर्माण को लेकर लापरवाही का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फरवरी से अक्टूबर तक सड़क निर्माण का काम धरातल पर नहीं हुआ, जबकि लोकार्पण किए जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में आम जनता डूडा और नगर निगम के चक्कर काटने को मजबूर है।
नोटिस के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं
मामला सामने आने के बाद जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण किया। विभागीय जानकारी के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान मेसर्स चंद्रा कंस्ट्रक्शन की ओर से संबंधित स्थलों पर निर्माण कार्य शुरू नहीं पाया गया। क्षेत्रीय पार्षदों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निवासियों ने भी काम में देरी को लेकर नाराजगी जताई है।
डूडा की ओर से फर्म को 1 जुलाई 2026 को पत्रांक 321 और 29 जुलाई 2026 को पत्रांक 1204 के तहत नोटिस जारी किए गए थे। विभाग का कहना है कि नोटिस के बावजूद फर्म के प्रोपराइटर या प्रतिनिधि ने न तो संतोषजनक संज्ञान लिया और न ही अभियंत्रण विभाग के निर्देशों का पालन किया।
कार्रवाई की तैयारी, जनता परेशान
निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से स्थानीय नागरिकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों ने मामले पर नाराजगी जताते हुए अनुबंध की शर्तों के तहत चंद्रा कंस्ट्रक्शन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की संस्तुति की है।
बड़ा सवाल—जब सड़क बनी ही नहीं, तो लोकार्पण कैसे?
स्थानीय लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि सड़क और नाली का निर्माण धरातल पर नहीं हुआ, तो काम पूरा होने और लोकार्पण की बात कैसे सामने आई? अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में कब तक ठोस कार्रवाई करता है और बीबीखेड़ा समेत आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बदहाल रास्तों से कब राहत मिलती है।