लखनऊ की वृंदावन योजना में करीब 265 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल बनाया जाएगा। लगभग 7.06 एकड़ में विकसित होने वाली इस परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। यहां टिकट काउंटर, पूछताछ केंद्र, प्रतीक्षालय, इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन, रेस्तरां, दुकानें, एटीएम, मेडिकल स्टोर और पार्किंग जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
लखनऊ के वृंदावन योजना में 265 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बस टर्मिनल बनाया जाएगा। यहां यात्रियों को टिकट काउंटर, आरामदायक वेटिंग एरिया, रेस्तरां, एटीएम, मेडिकल स्टोर और पार्किंग जैसी सुविधाएं मिलेंगी। खास बात यह है कि इलेक्ट्रिक बसों की पार्किंग और चार्जिंग के लिए भी अलग व्यवस्था की जाएगी।
कैबिनेट ने परियोजना को दी मंजूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 9 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक में परियोजना को मंजूरी दी गई। नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा के मुताबिक, वृंदावन योजना की पी-4 पार्किंग में करीब 7.06 एकड़ जमीन पर टर्मिनल विकसित किया जाएगा। कुल लागत में 60 करोड़ रुपये निर्माण और 205 करोड़ रुपये व्यावसायिक सुविधाओं पर खर्च होंगे। परियोजना पीपीपी मॉडल पर बनाई जाएगी।
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मिलेगा बढ़ावा
लखनऊ में दुबग्गा डिपो से फिलहाल 116 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं, जबकि 300 और बसें चलाने की प्रक्रिया जारी है। नए टर्मिनल में बसों की पार्किंग, चार्जिंग स्टेशन, मरम्मत केंद्र और कर्मचारियों के लिए आराम कक्ष बनाए जाएंगे। इससे बसों के संचालन और रखरखाव को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
यात्रियों को एक परिसर में मिलेंगी सुविधाएं
टर्मिनल में टिकट काउंटर, बैठने की जगह, रेस्तरां, कॉफी शॉप, फास्ट फूड दुकानें, बैंक, एटीएम, मेडिकल स्टोर, सार्वजनिक शौचालय और वाटर एटीएम जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। इससे यात्रियों को बस का इंतजार करते समय खाने-पीने और अन्य जरूरी चीजों के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
निजी कंपनी करेगी संचालन और रखरखाव
परियोजना का निर्माण निजी कंपनी करेगी और निर्माण पूरा होने के बाद टर्मिनल नगरीय परिवहन निदेशालय को सौंपा जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, निजी कंपनी बस टर्मिनल का 35 साल और व्यावसायिक सुविधाओं का 90 साल तक रखरखाव करेगी। इस परियोजना का उद्देश्य लखनऊ में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाना और बढ़ती यात्रियों की जरूरतों को पूरा करना है।