गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026
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महाकुंभ 2025 की डॉक्यूमेंट्री के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी, मुख्य आरोपी मुंबई से गिरफ्तार

महाकुंभ 2025 पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के नाम पर 7 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी के मामले में EOW ने मुख्य आरोपी इंद्रजीत नट्टोजी को मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि फर्जी बिल, अनुबंध और दस्तावेजों के जरिए रकम का दुरुपयोग किया गया और डॉक्यूमेंट्री भी तैयार नहीं की गई।

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Pawan Kumar

5 मिनट महाकुंभ

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महाकुंभ 2025 की डॉक्यूमेंट्री के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी, मुख्य आरोपी मुंबई से गिरफ्तार
महाकुंभ 2025 पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को बड़ी सफलता मिली है।

महाकुंभ 2025 पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को बड़ी सफलता मिली है। ईओडब्ल्यू टीम ने मामले में नामजद मुख्य आरोपी इन्द्रजीत नट्टोजी को मुंबई से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहा था। उसे 6 अक्टूबर 2026 को मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित वरसोवा थाना क्षेत्र से पकड़ा गया।

 डॉक्यूमेंट्री निर्माण के लिए हुआ था करोड़ों का भुगतान

ईओडब्ल्यू के प्रेस नोट के मुताबिक, वादिनी सुश्री पुनीत सिक्का, निदेशक मैसर्स IQ ने महाकुंभ 2025 पर डॉक्यूमेंट्री निर्माण के लिए 2 जनवरी 2025 को मैसर्स INK पिक्चर्स और Mcode Ventures LLP के साथ अनुबंध किया था। परियोजना के तहत कुल **5 करोड़ 60 लाख 21 हजार 304 रुपये**, जीएसटी समेत, का भुगतान किया गया था।

आरोप है कि अभियुक्तों ने वादिनी और संबंधित कंपनी को विश्वास में लेकर कथित तौर पर कूटरचित बिल, फर्जी अनुबंध और भ्रामक दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये की धनराशि का दुरुपयोग किया। ईओडब्ल्यू के अनुसार, तय परियोजना के तहत डॉक्यूमेंट्री भी तैयार नहीं की गई।

 कैटरिंग के नाम पर 75 लाख रुपये के कथित फर्जी बिल

जांच के दौरान ईओडब्ल्यू को आरोपियों द्वारा परियोजना में काम करने वाले कर्मचारियों के भोजन और कैटरिंग के नाम पर करीब **75 लाख रुपये के कथित कूटरचित हस्तलिखित बिल** प्रस्तुत किए जाने की जानकारी मिली। प्रेस नोट के मुताबिक, इन बिलों के आधार पर भुगतान भी प्राप्त किया गया।

इसके अलावा परियोजना का काम पूरा नहीं करने की धमकी देकर करीब **20 लाख रुपये की कथित जबरन वसूली** किए जाने का भी आरोप है। शूटिंग और स्टूडियो किराये के नाम पर अतिरिक्त धनराशि मांगने के तथ्य भी जांच में सामने आने की बात ईओडब्ल्यू ने कही है।

 50 TB से ज्यादा फुटेज चोरी करने का भी आरोप

ईओडब्ल्यू के मुताबिक, जांच के दौरान जुटाए गए मौखिक, दस्तावेजी, डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की समीक्षा की गई। एजेंसी का आरोप है कि नामजद आरोपी इन्द्रजीत नट्टोजी समेत छह आरोपियों ने कथित तौर पर आपराधिक साजिश रचकर परियोजना में धोखाधड़ी, कूटरचित बिल और अनुबंध तैयार करने व उनका इस्तेमाल करने, आपराधिक विश्वासघात, जबरन वसूली और आपराधिक धमकी जैसी गतिविधियों को अंजाम दिया।

जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि **50 टीबी से अधिक फुटेज चोरी** की गई और इस पूरे मामले में कथित तौर पर **7 करोड़ रुपये से अधिक के गबन** से जुड़े तथ्य सामने आए हैं।

 मुंबई से हुई गिरफ्तारी

ईओडब्ल्यू के मुताबिक, आरोपी इन्द्रजीत नट्टोजी घटना के बाद से फरार चल रहा था। टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे 6 अक्टूबर 2026 को मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित वरसोवा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान इन्द्रजीत नट्टोजी पुत्र बालाचन्द्रा, निवासी रत्नाकर बिल्डिंग, अंधेरी वेस्ट, मुंबई के रूप में हुई है।

फिलहाल मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है। ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आए आरोपों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।**

महाकुंभ 2025 पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को बड़ी सफलता मिली है। ईओडब्ल्यू टीम ने मामले में नामजद मुख्य आरोपी इन्द्रजीत नट्टोजी को मुंबई से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहा था। उसे 6 अक्टूबर 2026 को मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित वरसोवा थाना क्षेत्र से पकड़ा गया।

 डॉक्यूमेंट्री निर्माण के लिए हुआ था करोड़ों का भुगतान

ईओडब्ल्यू के प्रेस नोट के मुताबिक, वादिनी सुश्री पुनीत सिक्का, निदेशक मैसर्स IQ ने महाकुंभ 2025 पर डॉक्यूमेंट्री निर्माण के लिए 2 जनवरी 2025 को मैसर्स INK पिक्चर्स और Mcode Ventures LLP के साथ अनुबंध किया था। परियोजना के तहत कुल **5 करोड़ 60 लाख 21 हजार 304 रुपये**, जीएसटी समेत, का भुगतान किया गया था।

आरोप है कि अभियुक्तों ने वादिनी और संबंधित कंपनी को विश्वास में लेकर कथित तौर पर कूटरचित बिल, फर्जी अनुबंध और भ्रामक दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये की धनराशि का दुरुपयोग किया। ईओडब्ल्यू के अनुसार, तय परियोजना के तहत डॉक्यूमेंट्री भी तैयार नहीं की गई।

 कैटरिंग के नाम पर 75 लाख रुपये के कथित फर्जी बिल

जांच के दौरान ईओडब्ल्यू को आरोपियों द्वारा परियोजना में काम करने वाले कर्मचारियों के भोजन और कैटरिंग के नाम पर करीब **75 लाख रुपये के कथित कूटरचित हस्तलिखित बिल** प्रस्तुत किए जाने की जानकारी मिली। प्रेस नोट के मुताबिक, इन बिलों के आधार पर भुगतान भी प्राप्त किया गया।

इसके अलावा परियोजना का काम पूरा नहीं करने की धमकी देकर करीब **20 लाख रुपये की कथित जबरन वसूली** किए जाने का भी आरोप है। शूटिंग और स्टूडियो किराये के नाम पर अतिरिक्त धनराशि मांगने के तथ्य भी जांच में सामने आने की बात ईओडब्ल्यू ने कही है।

 50 TB से ज्यादा फुटेज चोरी करने का भी आरोप

ईओडब्ल्यू के मुताबिक, जांच के दौरान जुटाए गए मौखिक, दस्तावेजी, डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की समीक्षा की गई। एजेंसी का आरोप है कि नामजद आरोपी इन्द्रजीत नट्टोजी समेत छह आरोपियों ने कथित तौर पर आपराधिक साजिश रचकर परियोजना में धोखाधड़ी, कूटरचित बिल और अनुबंध तैयार करने व उनका इस्तेमाल करने, आपराधिक विश्वासघात, जबरन वसूली और आपराधिक धमकी जैसी गतिविधियों को अंजाम दिया।

जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि **50 टीबी से अधिक फुटेज चोरी** की गई और इस पूरे मामले में कथित तौर पर **7 करोड़ रुपये से अधिक के गबन** से जुड़े तथ्य सामने आए हैं।

 मुंबई से हुई गिरफ्तारी

ईओडब्ल्यू के मुताबिक, आरोपी इन्द्रजीत नट्टोजी घटना के बाद से फरार चल रहा था। टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे 6 अक्टूबर 2026 को मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित वरसोवा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान इन्द्रजीत नट्टोजी पुत्र बालाचन्द्रा, निवासी रत्नाकर बिल्डिंग, अंधेरी वेस्ट, मुंबई के रूप में हुई है।

फिलहाल मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है। ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आए आरोपों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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