अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर को लेकर एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि #MeToo विवाद के बाद पिछले पांच वर्षों में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा और उन पर केस वापस लेने का दबाव बनाया गया।
बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। मीटू विवाद के दौरान नाना पाटेकर पर आरोप लगाने वाली तनुश्री ने उनके निधन के बाद दिए गए अपने ‘इविल डेड’ वाले बयान पर सफाई दी है। आईएएनएस से बातचीत में अभिनेत्री ने पुराने विवाद, कथित दबाव और उन मुश्किल परिस्थितियों का जिक्र किया, जिनसे गुजरने का वह दावा करती हैं। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में उन्होंने जिन परेशानियों का सामना किया, उनका दर्द वही समझ सकता है जो ऐसी परिस्थितियों से गुजरा हो।
‘मेरे लिए तो वे इविल डेड ही हैं’
तनुश्री ने दावा किया कि मीटू मामले के दौरान उन पर केस वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया और उन्हें लालच देने के साथ धमकियां भी मिलीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में उनकी गाड़ी के साथ हादसे करवाने और उन्हें फूड पॉइजनिंग देने जैसी कोशिशें भी हुईं। अभिनेत्री के मुताबिक, इन्हीं कथित घटनाओं और अपने अनुभवों के कारण उन्होंने नाना पाटेकर के लिए ‘इविल डेड’ शब्द का इस्तेमाल किया। ये सभी आरोप तनुश्री के बयान पर आधारित हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि यहां उपलब्ध नहीं है।
मुख्य गवाह को तैयार करने में लगे पांच साल
तनुश्री ने दावा किया कि मामले में एक हेयर ड्रेसर मुख्य गवाह था, जिसे अदालत में बयान देने के लिए तैयार करने में उन्हें करीब पांच साल लगे। उनके अनुसार, गवाह को कथित तौर पर अलग-अलग जगहों से धमकियां मिलती थीं। अभिनेत्री का कहना है कि काफी प्रयासों के बाद गवाह ने हलफनामा दिया और अदालत में अपना बयान भी दर्ज कराया।
तनुश्री ने आरोप लगाया कि जिस दिन मुख्य गवाह के साक्ष्य पेश होने की उम्मीद थी, उसी दिन केस बंद कर दिया गया। उन्होंने नाना पाटेकर पर मामले को बंद करवाने का आरोप भी लगाया। हालांकि, मामले के न्यायिक रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों का पूरा विवरण सामने आए बिना इन दावों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं माना जा सकता।
‘केस बंद होने का मतलब यह नहीं कि मैं गलत थी’
अभिनेत्री ने कहा कि केस बंद होने को अपनी हार या अपने आरोपों के गलत साबित होने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, दोनों पक्षों की बात रखे जाने के बाद मामला बंद हुआ, लेकिन इससे उनके अनुभवों की सच्चाई पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। तनुश्री ने यह भी कहा कि उनके साथ क्या हुआ, इसे समझना उनके लिए मुश्किल दौर से गुजरने वाले व्यक्ति के नजरिए से ही संभव है।
तनाव और मानसिक परेशानियों का भी किया जिक्र
तनुश्री ने बताया कि विवाद के दौरान वह मानसिक तनाव और डिप्रेशन से गुजरीं। उनके मुताबिक, पहले वह बिना किसी डर के बाहर निकलती थीं, लेकिन उस दौर के बाद उन्हें घर से बाहर जाने से पहले भी कई बार सोचना पड़ता था। उन्होंने कहा कि उस समय हुई घटनाओं ने उनके जीवन और मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाला।
तनुश्री दत्ता के इस बयान के बाद मीटू विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, उनके आरोपों पर नाना पाटेकर का पक्ष और मामले से जुड़े आधिकारिक न्यायिक दस्तावेजों की पुष्टि के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।