उत्तर प्रदेश में 2014 के पशुधन प्रसार अधिकारी भर्ती घोटाले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) ने पूर्व प्रमुख सचिव और सेवानिवृत्त IAS अधिकारी योगेश कुमार को लखनऊ के गोमती नगर से गिरफ्तार किया है। इस भर्ती के तहत 17 मंडलों में 1,198 पदों पर चयन होना था।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2014 में हुई पशुधन प्रसार अधिकारी भर्ती में कथित अनियमितताओं के मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) की टीम ने तत्कालीन प्रमुख सचिव और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी योगेश कुमार को गिरफ्तार किया है। प्रेस नोट के मुताबिक, आरोपी को 14 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के गोमती नगर से गिरफ्तार किया गया। भर्ती के दौरान योगेश कुमार प्रमुख सचिव के पद पर कार्यरत थे।
1,198 पदों पर हुई थी भर्ती
शासन ने पशुपालन विभाग के अंतर्गत सहारनपुर मंडल को छोड़कर प्रदेश के 17 मंडलों में पशुधन प्रसार अधिकारियों के 1,198 रिक्त पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी थी। इसके लिए 2 फरवरी 2014 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश पशुधन प्रसार एवं कुक्कुट विकास सेवा नियमावली-2002 और संशोधित नियमावली-2013 के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया।
OMR शीट और मेरिट सूची में गड़बड़ी के आरोप
जांच के दौरान सामने आया कि मंडलीय चयन समितियों के अधिकारों के विपरीत OMR शीट का केंद्रीकृत मूल्यांकन कराने के लिए फिरोज गांधी इंस्टीट्यूट, रायबरेली को नामित किया गया था। आरोप है कि नियमों के विरुद्ध निर्णय लेकर OMR शीट में छेड़छाड़ की गई, जिससे पात्र अभ्यर्थियों को नुकसान और अपात्र अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया गया।
2017 में जांच, 2019 में दर्ज हुआ मुकदमा
प्रेस नोट के अनुसार, शासन ने वर्ष 2017 में मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) को सौंपी थी। जांच के बाद वर्ष 2019 में थाना SIT में मुकदमा संख्या 01/2019 दर्ज किया गया। इसमें भारतीय दंड संहिता की धाराओं 409, 420, 467, 468, 471, 120बी और 201 के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया।
28 अभियुक्तों में से 25 के खिलाफ आरोपपत्र
जांच में नामजद छह और अन्य सामने आए 22 अभियुक्तों समेत कुल 28 लोगों का उल्लेख किया गया है। इनमें से 25 अभियुक्तों के खिलाफ अलग-अलग तारीखों पर आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। अब इसी मामले में तत्कालीन प्रमुख सचिव एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी योगेश कुमार की गिरफ्तारी हुई है।
यह खबर EOW के 14 अक्टूबर 2026 के प्रेस नोट पर आधारित है। गिरफ्तारी और आरोपों का उल्लेख जांच एजेंसी के विवरण के अनुसार किया गया है। आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।