रायबरेली के बछरावां क्षेत्र में बरचंदा गांव के पास सई नदी का पानी खेतों में भरने से करीब 200 बीघा धान की फसल डूब गई है। रास्तों पर पानी भरने से बच्चों को स्कूल और लोगों को बाज़ार जाने में दिक्कत हो रही है। एसडीएम ने जांच के लिए टीम भेजने की बात कही है।
रायबरेली। सई नदी के उफान ने बछरावां क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बरचंदा गांव के पास नदी का पानी खेतों में भर गया है, जिससे करीब 200 बीघा धान की फसल पूरी तरह डूब गई है।
तैयार फसल पर पानी
किसानों का कहना है कि धान की फसल तैयार होने की ओर थी और कुछ ही दिनों में कटाई शुरू होनी थी। ऐसे में फसल डूबने से उन्हें बड़ा नुकसान हुआ है। कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवज़ा देने की मांग की है।
रास्ते डूबे, स्कूल जाना मुश्किल
नदी का पानी गांव के रास्तों पर भी भर गया है। बच्चों को स्कूल जाने और लोगों को बाज़ार तक पहुंचने में भारी परेशानी हो रही है। कई लोगों को पानी में होकर आना-जाना पड़ रहा है।
नदी ने बदला था रास्ता
ग्रामीणों के मुताबिक पहले सई नदी गांव के बछरावां वाले हिस्से की तरफ बहती थी। एक बार आई बाढ़ में नदी ने अपना रास्ता बदल लिया, जिसके बाद गांव का बड़ा हिस्सा उन्नाव की तरफ हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि इसी वजह से वे विकास योजनाओं में भी पीछे रह जाते हैं।
प्रशासन ने क्या कहा
उपजिलाधिकारी आयुष अग्रवाल ने बताया कि स्थिति का जायज़ा लेने के लिए टीम भेजी जाएगी।
किसान ध्यान दें: अगर आपने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमा कराया है, तो फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी या कृषि विभाग को ज़रूर दें।
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