नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार, 7 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार की नीतियों का समर्थन करते हुए कहा कि देश में जब तक सनातन की शक्ति मौजूद है, तब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता।
‘विकसित भारत संकल्प सभा’ को संबोधित करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी को चेतावनी देते हुए कहा, “जब तक भारत में सनातन की शक्ति है, तुम नरेंद्र मोदी का बाल भी बांका नहीं कर सकते हो।” उन्होंने विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियों पर भी सवाल उठाया और कहा कि केवल हजारों लोगों को एकत्र करने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रोका नहीं जा सकता।

‘करोड़ों लोगों की शक्ति मोदी के साथ’
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि अगर विपक्ष यह सोचता है कि 10-20 हजार लोगों को इकट्ठा करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रोका जा सकता है, तो यह उसकी गलतफहमी है। उन्होंने दावा किया कि देश के करोड़ों लोगों की शक्ति प्रधानमंत्री मोदी के साथ है।
असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को भारत की जनता और सनातन परंपरा का आशीर्वाद प्राप्त है। उनके मुताबिक, देश की जनता लगातार प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर अपना भरोसा जता रही है।

कांग्रेस पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर भी गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने चीन सीमा से जुड़े मुद्दे का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में सीमा पर सेना को पर्याप्त मजबूती नहीं मिली और देश की सुरक्षा को लेकर सरकार का रवैया कमजोर था।
उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक ऐसा नया भारत तैयार हो रहा है, जो किसी से डरता नहीं है। सरमा ने केंद्र सरकार की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी नीतियों को भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की उपलब्धियों से जोड़कर पेश किया।

‘मोदी के नेतृत्व में नए भारत का निर्माण’
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में ऐसे कई बड़े फैसले लिए गए हैं, जिन्होंने देश की राजनीति और इतिहास को नई दिशा दी है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र में लगातार तीन बार सरकार बनाने के लिए जनता का समर्थन मिलना प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लोगों के भरोसे को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से देश की जनता ने लगातार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर विश्वास जताया है। उनके अनुसार, यह भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
राम मंदिर और अनुच्छेद 370 का किया जिक्र
मुख्यमंत्री सरमा ने अपने भाषण में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लिए गए इन फैसलों ने भारतीय राजनीति और इतिहास पर गहरा प्रभाव डाला है।
उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी समेत भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के योगदान को भी याद किया और कहा कि पार्टी के पुराने नेताओं की विचारधारा और सुशासन की विरासत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ाया गया है।
वाजपेयी की विरासत को आगे बढ़ाने का दावा
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने देश में सुशासन की जो नींव मजबूत की थी, उसे नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई गति मिली है। उन्होंने भाजपा की नीतियों और सरकार के कामकाज को इसी विरासत से जोड़कर बताया।
‘विकसित भारत संकल्प सभा’ का समापन

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का यह बयान ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ के दौरान आया। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम भाजपा के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतिम चरण का हिस्सा था। उनके मुताबिक, यह अभियान 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर शुरू किया गया था और 7 अक्टूबर को इसका समापन हुआ।

सभा के दौरान भाजपा सरकार की उपलब्धियों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और देश को विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को लेकर भी चर्चा की गई।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

हिमंत बिस्वा सरमा के इस बयान के बाद राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। असम के मुख्यमंत्री लगातार केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में मुखर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस और विपक्षी दल सरकार की नीतियों को लेकर अलग-अलग मुद्दों पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं।

फिलहाल, हिमंत बिस्वा सरमा का राहुल गांधी को लेकर दिया गया यह बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। उनके बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, सनातन, राष्ट्रीय सुरक्षा और भाजपा सरकार के प्रमुख फैसलों को एक साथ जोड़कर विपक्ष पर सीधा राजनीतिक निशाना साधा गया।