उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की एक तस्वीर ने प्रदेश का सियासी तापमान बढ़ा दिया है। राज्यसभा चुनाव की गतिविधियों के बीच सामने आई इस तस्वीर को लेकर क्रॉस वोटिंग और नए राजनीतिक समीकरणों की अटकलें लगाई जाने लगी थीं।
अब राकेश सचान ने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए किसी भी राजनीतिक मुलाकात से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से मिलने उनके कक्ष में गए थे। इसी दौरान अखिलेश यादव और अन्य नेता भी वहां पहुंच गए।
“साथ में चाय-कॉफी पी गई”
राकेश सचान के मुताबिक, विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में मौजूद सभी लोगों ने साथ बैठकर चाय-कॉफी पी। इसके अलावा अखिलेश यादव से कोई अलग राजनीतिक बातचीत या औपचारिक मुलाकात नहीं हुई।
उन्होंने मीडिया में चल रही अटकलों को भ्रामक बताते हुए कहा कि सामान्य मुलाकात को राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर पेश किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, सचान ने सवाल किया कि यदि वह अखिलेश यादव के साथ दिखाई दिए तो क्या इसका अर्थ यह निकाला जाए कि अखिलेश भाजपा में आना चाहते हैं?
तस्वीर से क्यों तेज हुईं अटकलें?
यह तस्वीर समाजवादी पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवारों के नामांकन के दौरान सामने आई। इसमें अखिलेश यादव, सपा के कई नेता और योगी सरकार के मंत्री राकेश सचान एक साथ दिखाई दिए।
उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीटों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के कारण तस्वीर को संभावित क्रॉस वोटिंग और नए समीकरणों से जोड़कर देखा जाने लगा।
अखिलेश यादव ने भी दिया जवाब
अखिलेश यादव ने भी तस्वीर से जुड़ी अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा अध्यक्ष से मिलने गए थे और वहां कई लोग मौजूद थे। किसी के एक स्थान पर दिखाई देने का अर्थ पार्टी बदलना नहीं होता।
राकेश सचान पहले समाजवादी पार्टी से विधायक और सांसद रह चुके हैं। इसके बाद वह कांग्रेस में गए और वर्ष 2022 में भाजपा में शामिल हुए। वर्तमान में वह योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और भोगनीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
फिलहाल दोनों नेताओं ने तस्वीर के पीछे किसी राजनीतिक समझौते या दल बदल की संभावना से इनकार किया है।