राम मंदिर में सेना जैसा अनुशासन: सभी कर्मचारियों की बनेगी डिजिटल प्रोफाइल, चेहरे से लगेगी हाजिरी
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में करीब 450 निजी सुरक्षाकर्मियों समेत सभी कर्मचारियों की डिजिटल प्रोफाइल बनेगी। पुलिस सत्यापन, चरित्र प्रमाणपत्र, फेस रिकग्निशन से हाजिरी, बिना जेब वाली वर्दी और ड्यूटी पर मोबाइल पर रोक जैसे नियम लागू होंगे। करीब 40 नए सीसीटीवी कैमरे भी लगेंगे।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या — प्रतीकात्मक फोटो: Narendra Modi / Wikimedia Commons (CC BY 3.0)
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अब सख्त नियम लागू होने जा रहे हैं। मंदिर में तैनात सभी कर्मचारियों की डिजिटल प्रोफाइल बनाई जाएगी और उनके काम की सॉफ्टवेयर के जरिए निगरानी होगी। मंदिर प्रबंधन का लक्ष्य सेना जैसा अनुशासन और पूरी जवाबदेही तय करना है।
ये बदलाव मंदिर में हुई चोरी की घटनाओं के बाद किए जा रहे हैं। इन्हें मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र लागू करा रहे हैं।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या — प्रतीकात्मक फोटो: Prime Minister's Office / Wikimedia Commons (GODL-India)
किनकी बनेगी प्रोफाइल
मंदिर में करीब 450 निजी सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। इनके अलावा एसबीआई के कर्मचारी, एजेंसी के कर्मचारी, ट्रस्ट के कर्मचारी, पुजारी और कोषाध्यक्ष समेत सभी श्रेणियों के कर्मचारियों की प्रोफाइल बनेगी।
प्रोफाइल में क्या-क्या होगा
नियुक्ति का रिकॉर्ड, पद और जिम्मेदारी
ड्यूटी की जगह और हाजिरी का रिकॉर्ड
निजी और पारिवारिक पृष्ठभूमि
पुलिस सत्यापन की स्थिति और चरित्र प्रमाणपत्र
लागू होंगे ये नियम
सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन और चरित्र प्रमाणपत्र अनिवार्य
हर श्रेणी के लिए तय वर्दी, जेब नहीं होगी
सुरक्षाकर्मी ड्यूटी के दौरान मोबाइल नहीं रखेंगे
फेस रिकग्निशन से हाजिरी
प्रवेश और निकास पर रोज तलाशी और वीडियो निगरानी
दान की गिनती दो पालियों में, सिर्फ एसबीआई टीम करेगी
परिसर में करीब 40 नए सीसीटीवी कैमरे
श्रद्धालुओं पर क्या असर
इन नियमों का सीधा असर कर्मचारियों पर है। श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था पहले जैसी रहेगी। मंदिर प्रबंधन का मानना है कि इससे दान और व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और सुरक्षा और मजबूत होगी। दीपोत्सव और नवरात्र के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए भी ये कदम अहम माने जा रहे हैं।