सुल्तानपुर में करीब 15 साल पुराने अखिलेश वर्मा हत्याकांड में अदालत ने फैसला सुना दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश श्याम मोहन जायसवाल की अदालत ने 7 अक्टूबर को दो सगे भाइयों समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सभी दोषियों पर कुल 5.60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसका 80 प्रतिशत हिस्सा पीड़ित पक्ष को दिया जाएगा।
मकान पर कब्जे के विवाद में हुई थी हत्या
अभियोजन के अनुसार 24 जुलाई 2011 को अखंडनगर थाना क्षेत्र के गड़ौरा में मकान पर कब्जे को लेकर विवाद हुआ था। इसी झगड़े में अखिलेश वर्मा पर हमला कर उनकी हत्या कर दी गई थी। अखिलेश वर्मा मूल रूप से अंबेडकरनगर जिले के रहने वाले थे।
ये हैं दोषी
- दीपक वर्मा
- प्रदीप वर्मा (दीपक का सगा भाई)
- ओमप्रकाश
- उमेश कुमार (ओमप्रकाश का पुत्र)
- छोटेलाल निषाद
मुकदमे के दौरान मुख्य आरोपी की मौत
मामले की सुनवाई लंबी चली। इस दौरान एक मुख्य आरोपी की मौत हो गई, जिसके चलते उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त हो गई। गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर अदालत ने बाकी पांचों आरोपियों को हत्या का दोषी माना। फैसले के बाद सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया। पीड़ित परिवार ने फैसले पर संतोष जताया है।



