बुधवार, 30 सितंबर 2026
लोकतंत्र लाइव टीवी लोगो
ब्रेकिंग

UNGA में हाफिज सईद पर सवाल से घिरे शहबाज शरीफ, जवाब दिए बिना निकले

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को आतंकवाद और लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद से जुड़े सवालों का सामना करना पड़ा। UN मुख्यालय से बाहर निकलते समय पत्रकारों ने उनसे पूछा कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना…

V
V K Singh

2 मिनट

शेयर करें:
UNGA में हाफिज सईद पर सवाल से घिरे शहबाज शरीफ, जवाब दिए बिना निकले

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को आतंकवाद और लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद से जुड़े सवालों का सामना करना पड़ा। UN मुख्यालय से बाहर निकलते समय पत्रकारों ने उनसे पूछा कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेगा और हाफिज सईद पर कब मुकदमा चलाया जाएगा। रिपोर्टों के मुताबिक, शहबाज शरीफ ने सवालों का जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए।

हाफिज सईद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अल-कायदा प्रतिबंध सूची में शामिल है। UN के रिकॉर्ड के अनुसार, उसे 2008 में लश्कर-ए-तैयबा और अल-कायदा से जुड़ी गतिविधियों के कारण सूचीबद्ध किया गया था। UN के मौजूदा रिकॉर्ड में यह भी दर्ज है कि वह पाकिस्तान की हिरासत में है और 2020 से आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े सात मामलों में दोषसिद्धि के बाद 78 साल की सजा काट रहा है।

लश्कर-ए-तैयबा को भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध सूची में शामिल किया गया है। UN के अनुसार, संगठन को पाकिस्तान-आधारित संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया गया है और उस पर कई आतंकवादी हमलों में शामिल होने के आरोप दर्ज हैं।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने UNGA के दौरान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने पाकिस्तान-बांग्लादेश संबंधों को आगे बढ़ाने और व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, शिक्षा तथा पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच बढ़ते संपर्क के बीच शहबाज शरीफ की यह मुलाकात भी चर्चा में रही। हालांकि, दोनों देशों ने आधिकारिक तौर पर इसे द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग को मजबूत करने के प्रयास के तौर पर बताया है।

वहीं, भारत लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर आरोप लगाता रहा है। 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था और सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद तथा उसके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया था।

शेयर करें:

ये भी पढ़ें

और देखें →