सब्जी बाजार में एक बार फिर टमाटर और प्याज के दाम बढ़ने से आम उपभोक्ताओं की रसोई का बजट बिगड़ता नजर आ रहा है। कई शहरों में टमाटर और प्याज की कीमतों में अचानक आई तेजी ने घर के रोजमर्रा के खर्चों पर सीधा असर डाला है, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। व्यापारियों का कहना है कि सप्लाई में उतार-चढ़ाव और मौसम की अनिश्चितता की वजह से कीमतों में यह बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

स्थानीय मंडियों में टमाटर की आवक कम होने और स्टोरेज लागत बढ़ने से इसके दाम ऊपर चढ़ गए हैं, वहीं प्याज की नई फसल बाजार में पूरी तरह आने में समय लगने के कारण कीमतें स्थिर नहीं हो पा रही हैं। इस स्थिति में रेस्टोरेंट से लेकर घरेलू किचन तक हर जगह इसका असर दिखाई दे रहा है, और लोग सब्जियों की खरीद में कटौती करने को मजबूर हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में सप्लाई चेन सामान्य नहीं हुई तो खाद्य महंगाई और बढ़ सकती है। फिलहाल उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि नई आवक के साथ कीमतों में कुछ राहत मिलेगी, लेकिन तब तक आम आदमी की थाली पर महंगाई का दबाव बना रहेगा।