सतीशन का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ था और धीरे-धीरे उन्होंने केरल की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। विपक्ष के नेता के रूप में भी उन्होंने कई मुद्दों पर सरकार को घेरा और जनता के बीच अपनी सक्रियता बनाए रखी। खास बात यह रही कि संगठन में उनकी स्वीकार्यता लगातार बढ़ती गई। वहीं, केसी वेणुगोपाल जैसे बड़े नेता भी मुख्यमंत्री पद की चर्चा में थे, लेकिन सतीशन का नाम सबसे ज्यादा मजबूत दावेदार के तौर पर उभरकर सामने आया।
राजनीतिक गलियारों में अब इस बात की चर्चा तेज है कि अगर पार्टी नेतृत्व अंतिम फैसला सतीशन के पक्ष में करता है तो केरल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। समर्थकों का मानना है कि उनका नेतृत्व राज्य में पार्टी को नई दिशा दे सकता है। हालांकि आधिकारिक घोषणा का इंतजार अभी बाकी है, लेकिन सतीशन के नाम को लेकर सियासी हलचल लगातार बढ़ती जा रही है।







