DNA जांच में पाया गया कि दोनों बच्चियों का जेनेटिक प्रोफाइल न तो पिता से मेल खा रहा था और न ही मां से पूरी तरह मैच कर रहा था। इसके बाद मामले की गहन जांच शुरू की गई। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बेहद दुर्लभ मेडिकल स्थिति, IVF प्रक्रिया में गड़बड़ी या किसी अन्य असामान्य जैविक कारण से जुड़ा हो सकता है।
इस अनोखे मामले ने चिकित्सा जगत में भी चर्चा छेड़ दी है। विशेषज्ञ अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर ऐसी स्थिति कैसे उत्पन्न हुई। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और मेडिकल समुदाय दोनों के बीच जिज्ञासा का विषय बना हुआ है।







