भायंदर के चर्चित बॉटल नेक ब्रिज पर पहला हादसा सामने आने के बाद एक बार फिर इसकी सुरक्षा व्यवस्था और डिजाइन को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ब्रिज के निर्माण के दौरान ही इसकी संरचना और संकरे हिस्से को लेकर कई बार चिंता जताई गई थी। अब हादसे के बाद लोगों का कहना है कि समय रहते चेतावनियों पर ध्यान दिया जाता तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रित किया। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं ब्रिज की डिजाइन, यातायात प्रबंधन या सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी तो नहीं रही।

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने ब्रिज की तकनीकी जांच कराने, सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार की लापरवाही या तकनीकी खामी सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हादसे ने ब्रिज की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।