संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने युवाओं की भूमिका, देश के विकास और संसद में सार्थक चर्चा की आवश्यकता पर जोर दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “मैं 56 साल के नौजवान की बात नहीं कर रहा, मैं भारत के युवा सामर्थ्य की बात कर रहा हूं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है और देश की प्रगति में युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि संसद का सत्र सकारात्मक माहौल में चले, महत्वपूर्ण विधेयकों और जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा हो तथा जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरा जाए।
पीएम मोदी ने विपक्ष से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है और यहां स्वस्थ बहस के जरिए देशहित में फैसले लिए जाने चाहिए। उनका यह बयान संसद सत्र शुरू होने से ठीक पहले आया है, जिसे आगामी राजनीतिक और विधायी एजेंडे के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







