देश के रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ा झटका लगा है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश के प्रमुख महानगरों और बड़े शहरों में आवासीय संपत्तियों (हाउसिंग) की बिक्री में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। बढ़ती कीमतों, ऊंची होम लोन ब्याज दरों और खरीदारों के सतर्क रुख को इस गिरावट की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में मकानों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिससे पहली बार घर खरीदने वाले ग्राहकों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ा है। इसके अलावा, आर्थिक अनिश्चितता और निवेशकों के बदले हुए रुख का असर भी रियल एस्टेट बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। हालांकि प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग सेगमेंट में मांग अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई है।
रियल एस्टेट कंपनियों का मानना है कि यदि ब्याज दरों में राहत मिलती है और किफायती आवास योजनाओं को बढ़ावा दिया जाता है, तो आने वाले महीनों में बाजार में सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल डेवलपर्स नई परियोजनाओं के साथ-साथ ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न ऑफर और लचीली भुगतान योजनाएं पेश कर रहे हैं।







