सोनी गुप्ता ने बताया कि परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियों के साथ इस प्रतियोगिता की तैयारी करना आसान नहीं था। उन्होंने अपने समय का बेहतर प्रबंधन किया, लगातार अभ्यास किया और खुद पर भरोसा बनाए रखा। जैसे-जैसे उनकी तैयारी आगे बढ़ी, परिवार का समर्थन भी मजबूत होता गया। विशेष रूप से उनके पति ने न केवल उनका मनोबल बढ़ाया, बल्कि प्रतियोगिता के दौरान हर संभव सहयोग भी किया, जिसने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
‘मिसेज बिहार 2026’ का ताज जीतने के बाद सोनी गुप्ता ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, बच्चों और सभी शुभचिंतकों को दिया। उन्होंने कहा कि उम्र, पारिवारिक जिम्मेदारियां या परिस्थितियां किसी भी व्यक्ति के सपनों की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए। उनकी यह उपलब्धि उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अपने सपनों को भी साकार करना चाहती हैं।







