देश में अग्निवीरों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलने जा रहे हैं। सरकार और संबंधित एजेंसियां अब प्रशिक्षित अग्निवीरों को टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स में शामिल करने की योजना पर काम कर रही हैं। इस पहल का उद्देश्य एक ओर वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करना है, वहीं दूसरी ओर सेना से प्रशिक्षित युवाओं के कौशल का प्रभावी उपयोग करना भी है।

प्रस्ताव के तहत चयनित अग्निवीरों को बाघ अभयारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों में तैनात किया जा सकता है। उनकी जिम्मेदारी में वन्यजीवों की सुरक्षा, शिकार रोकना, गश्त करना और वन विभाग की विशेष अभियानों में सहायता करना शामिल हो सकता है। सैन्य प्रशिक्षण और अनुशासन के कारण अग्निवीर इस भूमिका के लिए उपयुक्त माने जा रहे हैं।

यदि इस योजना को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो इससे अग्निवीरों के लिए सेवा के बाद रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और देश में बाघ संरक्षण अभियान को भी मजबूती मिलेगी। इस प्रस्ताव को वन संरक्षण और युवाओं के पुनर्वास, दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।