अजमेर दरगाह मामले में महाराणा प्रताप सेना के अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने पाकिस्तान के नंबर से धमकी मिलने का दावा किया है।
जयपुर। अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह को मंदिर बताए जाने के दावे से जुड़े मामले में महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजवर्धन सिंह परमार ने पाकिस्तान के कोड वाले नंबर से धमकी मिलने का दावा किया है। परमार के मुताबिक, शनिवार रात करीब 11:54 बजे उनके मोबाइल पर कॉल आया और उन्हें मामले से पीछे हटने के लिए कहा गया।
परमार का आरोप है कि कॉल करने वाले ने उन्हें सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अजमेर दरगाह मामले से अपना संबंध खत्म करने को कहा। ऐसा नहीं करने पर कथित तौर पर 24 घंटे के भीतर उनके परिवार के किसी सदस्य को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। परमार ने मामले की जानकारी पुलिस को देने के साथ गृह मंत्रालय और NIA से भी जांच की मांग की है।
तीन राज्यों में सुरक्षा की मांग
परमार ने अपने और परिवार के लिए राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि उनका गृह जिला उत्तर प्रदेश में है, परिवार दिल्ली में रहता है और अजमेर दरगाह से जुड़ा मामला राजस्थान में चल रहा है।
परमार का दावा है कि उन्हें वर्ष 2022 से अब तक अलग-अलग नंबरों से 12 से अधिक बार धमकियां मिल चुकी हैं। अजमेर दरगाह को लेकर उनके दावे पर अदालत में कानूनी कार्यवाही भी चल रही है। जनवरी 2026 में उन्होंने अजमेर जिला अदालत में याचिका दायर कर दरगाह परिसर के सर्वे की मांग की थी।
पुलिस जांच में जुटी
पाकिस्तान नंबर से कथित धमकी मिलने के बाद पुलिस अब कॉल और उससे जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच का मुख्य बिंदु यह होगा कि कॉल वास्तव में कहां से की गई और धमकी देने वाले की पहचान क्या है। फिलहाल धमकी के दावे की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।