उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सफदरगंज क्षेत्र में चलती CNG कार में अचानक भीषण आग लगने से चालक प्रदीप कुमार की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा शुक्रवार देर रात करीब 1:30 बजे सैदनपुर नहर के पास हुआ। प्रदीप लखनऊ एयरपोर्ट से सवारियों को छोड़कर घर लौट रहे थे, तभी कार आग का गोला बन गई। बताया जा रहा है कि कार के दरवाजे लॉक होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सके।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में 10 अक्टूबर की सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। सफदरगंज थाना क्षेत्र में प्यारेपुर-सैदनपुर नहर पुल के पास चलती टाटा टियागो कार में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि चालक को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और कार के अंदर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
मृतक की पहचान 45 वर्षीय प्रदीप कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह बाराबंकी से अपने गांव लौट रहे थे और कार में अकेले थे। सुबह ग्रामीणों ने नहर के पास कार को आग की लपटों से घिरा देखा, जिसके बाद डायल 112 और एंबुलेंस 108 को सूचना दी गई।
फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू
सूचना मिलने के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
चार महीने पहले खरीदी थी कार
परिजनों के मुताबिक, प्रदीप कुमार ने करीब चार महीने पहले ही कार खरीदी थी। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। परिवार के एक बेटे और एक बेटी की शादी हो चुकी है। मृतक के बड़े बेटे शिवकेश ने बताया कि रात में उनकी पिता से फोन पर बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि वह रास्ते में हैं और रात दो से तीन बजे के बीच घर पहुंच जाएंगे।
परिवार को सुबह उनके साथ हुए हादसे की खबर मिली। जिस पिता के घर लौटने का इंतजार हो रहा था, उनके निधन की सूचना से परिवार में मातम छा गया। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चलती कार में आग किन परिस्थितियों में लगी और चालक बाहर क्यों नहीं निकल सके।