शनिवार, 3 अक्टूबर 2026
लोकतंत्र लाइव टीवी लोगो
ब्रेकिंग

बिजनौर: इलाज के लिए 13 हजार उधार लिए, 38 हजार चुकाए; फिर भी सूदखोर ने 1 लाख बकाया बताकर जमीन कब्जाई

बिजनौर के पूरनपुर स्याना गांव के मजदूर राजवीर सिंह ने बच्चे के इलाज के लिए 13,000 रुपये उधार लिए थे और 38,000 चुका भी दिए। आरोप है कि सूदखोर जोगेंद्र सिंह ने हर महीने 5% चक्रवृद्धि ब्याज जोड़कर 1 लाख बकाया बताया और आधा बीघा जमीन पर कब्जा कर बरसीम बो दी। नूरपुर थाने में केस दर्ज है।

म
मुख्य संपादक

2 मिनट बिजनौर

शेयर करें:
बिजनौर: इलाज के लिए 13 हजार उधार लिए, 38 हजार चुकाए; फिर भी सूदखोर ने 1 लाख बकाया बताकर जमीन कब्जाई
खेत — प्रतीकात्मक फोटो: Azeemarshi / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

बिजनौर में सूदखोरी का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। नूरपुर थाना क्षेत्र के पूरनपुर स्याना गांव के मजदूर राजवीर सिंह ने करीब 2013-15 में अपने बच्चे के इलाज के लिए गांव के ही जोगेंद्र सिंह से 13,000 रुपये उधार लिए थे। आरोप है कि 38,000 रुपये चुकाने के बाद भी सूदखोर ने एक लाख रुपये बकाया बताकर उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया।

13 हजार का कर्ज, 38 हजार चुकाए

राजवीर के मुताबिक उन्होंने 2020 में 10,800 रुपये लौटाए। इसके बाद 28,000 रुपये और दिए, यानी कुल 38,000 रुपये चुका दिए। आरोप है कि इसके बाद भी सूदखोर ने हर महीने 5 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज जोड़कर पहले 61,500 रुपये और अब एक लाख रुपये बकाया बता दिया।

खेत (प्रतीकात्मक)
खेत (प्रतीकात्मक) — प्रतीकात्मक फोटो: Smhrizvi28 / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

जमीन पर बो दी बरसीम

शिकायत से पांच दिन पहले सूदखोर ने राजवीर की आधा बीघा जमीन पर कब्जा कर उसमें पशुओं के चारे बरसीम की बुवाई कर दी। उसका कहना है कि एक लाख रुपये मिलने पर ही जमीन छोड़ी जाएगी। राजवीर के पास अपना मकान तक नहीं है और आर्थिक तंगी से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

  • पीड़ित: राजवीर सिंह, मजदूर, गांव पूरनपुर स्याना
  • आरोपी: सूदखोर जोगेंद्र सिंह, उसी गांव का
  • कर्ज: 13,000 रुपये, चुकाए 38,000 रुपये
  • मांग: एक लाख रुपये, हर महीने 5% चक्रवृद्धि ब्याज
  • कार्रवाई: नूरपुर थाने में मुकदमा, जांच सीओ देश दीपक कर रहे हैं

सूदखोरी के खिलाफ आपके अधिकार

बिना लाइसेंस के ब्याज पर पैसा देना और मनमाना ब्याज वसूलना गैरकानूनी है। कर्ज के बदले जबरन जमीन कब्जाना भी अपराध है। कर्ज लेते और लौटाते समय हर लेन-देन की लिखित रसीद लें। परेशान करने वाले सूदखोर की शिकायत थाने, तहसील या 112 पर करें। छोटी जरूरतों के लिए बैंक, स्वयं सहायता समूह या सरकारी योजनाओं से कर्ज लेना ज्यादा सुरक्षित है।

ऐसी ही और खबरों के लिए पढ़ें: बिजनौर की ताजा खबरें

शेयर करें:

ये भी पढ़ें

और देखें →