बिजनौर वजीदपुर धमाका: छोटे भाई के बाद 15 साल के रोहित ने भी 12 दिन बाद दिल्ली में तोड़ा दम
बिजनौर के शेरकोट क्षेत्र के वजीदपुर में 20 सितंबर को पटाखा फैक्टरी के अवशेष में हुए धमाके में झुलसे 15 वर्षीय रोहित की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में 12 दिन इलाज के बाद मौत हो गई। उसके 12 साल के छोटे भाई रोहन की पहले ही मौत हो चुकी है। मामले में दो मुकदमे दर्ज हैं।
बिजनौर रेलवे स्टेशन — प्रतीकात्मक फोटो: Azeemarshi / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)
बिजनौर जिले के वजीदपुर धमाके ने एक परिवार के दोनों बेटों को छीन लिया। 20 सितंबर को हुए धमाके में गंभीर रूप से झुलसे 15 वर्षीय रोहित ने शुक्रवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। वह 12 दिन से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था। उसके 12 साल के छोटे भाई रोहन की भर्ती होने के करीब छह दिन बाद ही मौत हो चुकी थी।
शेरकोट क्षेत्र के वजीदपुर में एक बंद पड़े ईंट भट्ठे के पास पटाखा फैक्टरी के अवशेष में अचानक धमाका हो गया था। धमाके की चपेट में आकर दोनों भाई बुरी तरह झुलस गए थे। हालत गंभीर होने पर उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था।
बिजनौर रेलवे स्टेशन — प्रतीकात्मक फोटो: Smhrizvi28 / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)
दो मुकदमे, ज्यादातर आरोपी जेल में
बच्चों के पिता की तहरीर पर पुलिस ने दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं।
पहला मुकदमा (20 सितंबर): 5 नामजद और 8-10 अज्ञात आरोपी
दूसरा मुकदमा (26 सितंबर): 3 नामजद और 1 अज्ञात आरोपी
ज्यादातर आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं
बाकी वांछित आरोपियों की तलाश जारी
सीओ अफजलगढ़ आलोक कुमार मामले की जांच की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि फरार आरोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा।
परिवार में मातम
एक के बाद एक दोनों बेटों की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। गांव में शोक का माहौल है और लोग अवैध रूप से पटाखे बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बच्चों को ऐसी जगहों से दूर रखें
बंद पड़ी फैक्टरियों, भट्ठों और कबाड़ में पड़ा बारूद या विस्फोटक सामग्री जानलेवा हो सकती है। बच्चों को ऐसी जगहों पर खेलने न जाने दें और कोई संदिग्ध वस्तु दिखे तो उसे न छुएं, तुरंत पुलिस को बताएं। दिवाली से पहले कन्नौज में भी पुलिस ने लाखों की अवैध आतिशबाजी पकड़ी है।