ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम आपूर्ति को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि “BJP पहले बेहतर तरीके से होमवर्क करे।” पार्टी का आरोप है कि सरकार परमाणु ऊर्जा और यूरेनियम आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के बजाय राजनीतिक प्रचार पर ज्यादा ध्यान दे रही है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम सहयोग की प्रक्रिया कोई नई नहीं है। उनके मुताबिक, इस दिशा में बातचीत और समझौते की शुरुआत पहले की सरकारों के समय हुई थी और मौजूदा सरकार को तथ्यों के साथ पूरी जानकारी जनता के सामने रखनी चाहिए। कांग्रेस ने दावा किया कि सरकार को इस मुद्दे पर राजनीतिक श्रेय लेने के बजाय ऊर्जा सुरक्षा और परमाणु नीति पर स्पष्ट रोडमैप पेश करना चाहिए।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। भाजपा के अनुसार, दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और ऊर्जा सहयोग नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है, जिससे भारत की परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता को मजबूती मिलेगी और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में देश को दीर्घकालिक लाभ होगा।








