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ब्रिक्स समिट में बांग्लादेश की गैरमौजूदगी पर भड़कीं शेख हसीना, तारिक रहमान के फैसले पर उठाए सवाल

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होने के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के फैसले की आलोचना की है। पीटीआई से बातचीत में उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और देश के राष्ट्रीय हितों के अनुकूल नहीं बताया।

Pawan Kumar
Pawan Kumar

2 मिनट luckhnow

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ब्रिक्स समिट में बांग्लादेश की गैरमौजूदगी पर भड़कीं शेख हसीना, तारिक रहमान के फैसले पर उठाए सवाल
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में बांग्लादेश की भागीदारी नहीं होने पर नाराजगी जताई है।

ढाका/नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में बांग्लादेश की भागीदारी नहीं होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत नहीं आने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि विदेश नीति को अल्पकालिक राजनीतिक फायदे और नुकसान के आधार पर नहीं चलाया जाना चाहिए। शेख हसीना के मुताबिक, सम्मेलन में बांग्लादेश की भागीदारी से देश के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए नए अवसर खुल सकते थे।

 ‘विदेश नीति राजनीतिक संवेदनशीलता से तय नहीं होनी चाहिए’

समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश को एक परिपक्व, संतुलित और आत्मविश्वास से भरी विदेश नीति अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि भारत में उनकी मौजूदगी ही तारिक रहमान के शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होने की वजह थी, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उनका कहना है कि दो देशों के संबंध किसी एक व्यक्ति से जुड़े मुद्दों या राजनीतिक संवेदनशीलता के आधार पर तय नहीं किए जाने चाहिए। शेख हसीना ने ब्रिक्स जैसे मंचों पर भागीदारी को बांग्लादेश के विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए महत्वपूर्ण बताया।

 बांग्लादेश में चरमपंथ बढ़ने का लगाया आरोप

शेख हसीना ने बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए दावा किया कि देश गंभीर राष्ट्रीय संकट से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक गुंजाइश कम हुई है और चरमपंथी ताकतों को फिर से जगह मिल रही है।

उनके ये बयान बांग्लादेश की राजनीतिक परिस्थितियों और भारत के साथ उसके संबंधों को लेकर चल रही बहस के बीच सामने आए हैं। हालांकि, देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को लेकर अलग-अलग पक्षों के विचार और दावे हैं।

 अगस्त 2024 से भारत में हैं शेख हसीना

शेख हसीना 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में व्यापक विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के बीच देश छोड़कर भारत आ गई थीं। उस समय प्रदर्शनकारियों के प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचने की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद से वह भारत में रह रही हैं।

हसीना ने कहा है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, वह बांग्लादेश लौटना चाहती हैं। उन्होंने अपनी वापसी को लोकतंत्र, मतदान के अधिकार और कानून के शासन की बहाली से जुड़ा बताया।

 ‘बांग्लादेश लौटकर लोगों के अधिकारों के लिए लड़ना चाहती हूं’

बांग्लादेश अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना ने स्वदेश वापसी के सवाल पर कहा कि वह अपने देश के लोगों के साथ खड़ा होना चाहती हैं। उनके मुताबिक, वह नागरिकों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने और लोकतंत्र, सुरक्षा तथा विकास को बहाल करने में योगदान देना चाहती हैं।

शेख हसीना 6 जनवरी 2009 से 5 अगस्त 2024 तक बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं। अब उनकी वापसी और बांग्लादेश की राजनीतिक दिशा को लेकर उनके बयान एक बार फिर चर्चा में हैं।

ब्रिक्स सम्मेलन में भागीदारी को लेकर शेख हसीना की टिप्पणी ने भारत-बांग्लादेश संबंधों और बांग्लादेश की विदेश नीति पर नई बहस छेड़ दी है।

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