Cyclone Arnab: दिल्ली-NCR में बारिश, यूपी-बिहार समेत 6 राज्यों में अलर्ट
चक्रवात अर्नब का असर दिल्ली-NCR से लेकर यूपी, बिहार और ओडिशा तक दिखाई दे रहा है। कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी है। ओडिशा के 300 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कमजोर जरूर पड़ गया है, लेकिन इसके प्रभाव से देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदल गया है। दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं के साथ ठंडक बढ़ गई है, वहीं सिक्किम के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में गरज-चमक के साथ ओले गिरने की आशंका जताई गई है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
आंध्र प्रदेश तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ा चक्रवात
चक्रवात अर्नब ने 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यनम तट के आसपास लैंडफॉल किया था। लैंडफॉल के समय तूफान की अधिकतम हवा की गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच बताई गई, जबकि कुछ स्थानों पर इसकी रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका थी। तट से टकराने के बाद तूफान कमजोर पड़ गया, लेकिन इसके अवशेषों से पैदा हुई नमी का असर मध्य और पूर्वी भारत के मौसम पर दिखाई दे रहा है।
मौसम की इस गतिविधि के पीछे चक्रवात से आई नमी और पश्चिमी विक्षोभ के बीच संभावित प्रभाव को अहम माना जा रहा है। चक्रवात के कमजोर पड़ने के बाद भी वातावरण में मौजूद नमी बारिश और गरज-चमक वाली गतिविधियों को बढ़ा सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में नमी से भरी हवाएं ऊपर उठने के कारण बारिश और बर्फबारी की स्थिति बन सकती है।
दिल्ली-NCR में बारिश, 70 KM की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
दिल्ली-NCR में 29 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इसके बाद 30 अक्टूबर को भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। पूर्वानुमान के मुताबिक, कुछ इलाकों में तेज हवाएं 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं और झोंकों के दौरान इनकी गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। दिल्ली के साथ हरियाणा और पंजाब में भी गरज-चमक तथा कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
बारिश और तेज हवाओं के चलते उत्तर भारत के तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है। लोगों को मौसम के बदलते हालात को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
सिक्किम में बर्फबारी, केदारनाथ में भी बदला मौसम
चक्रवात के बाद बने मौसमी सिस्टम का असर पहाड़ी क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। सिक्किम के ऊंचाई वाले इलाकों, खासकर कुपुप गांव और गनाथांग घाटी में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। वहीं केदारनाथ समेत उत्तराखंड के कुछ पहाड़ी इलाकों में बारिश की तस्वीरें सामने आई हैं। मौसम विभाग ने उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश की संभावना जताई थी।
पहाड़ी क्षेत्रों में नमी से भरी हवाएं जब पर्वतीय ढलानों से टकराकर ऊपर उठती हैं, तो वर्षा और बर्फबारी की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। यही वजह है कि मैदानी इलाकों में बारिश के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी देखने को मिल रही है।
यूपी-बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात के कमजोर अवशेषों का असर ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में दिखाई दे सकता है। इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्सों में भारी बारिश का खतरा बताया गया है, जबकि ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश जारी रह सकती है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। मौसम में बदलाव के चलते उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है।
आंध्र प्रदेश में चक्रवात से नुकसान, 5 लोगों की मौत
चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, तूफान से जुड़ी घटनाओं में अब तक करीब पांच लोगों की मौत हुई है। कई जगह पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए और बिजली आपूर्ति बाधित हुई। कुछ इलाकों में टूटे बिजली के तारों से करंट लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
काकीनाडा जिले में उप्पाडा तटीय सड़क को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण धान सहित अन्य फसलों पर असर पड़ा है। विशाखापट्टनम के कुछ हिस्सों में 24 घंटे के दौरान 300 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज किए जाने की रिपोर्ट है। राहत और बचाव कार्यों के लिए NDRF की टीमें तैनात की गई हैं।
फोटो विवरण
ओडिशा में बाढ़ जैसे हालात, 23,827 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया
चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। राज्य में 23,827 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई है। गंजम जिले में स्थिति अधिक गंभीर बताई जा रही है, जहां करीब 300 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। लगातार बारिश के कारण रुशिकुल्या नदी का जलस्तर बढ़ गया है और आसपास के गांवों तथा कस्बों में पानी भर गया है।
राज्य के मुख्य सचिव अनु गर्ग ने 29 अक्टूबर को बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। जिन गांवों तक सड़क के रास्ते पहुंचना मुश्किल हो रहा है, वहां फंसे लोगों को निकालने के लिए हवाई मदद लेने की तैयारी की जा रही है।
खराब मौसम से बचाव अभियान में आ रही परेशानी
गंजम जिले में NDRF और राज्य की बचाव टीमें लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हुई हैं। हालांकि लगातार बारिश, तेज हवाओं और आसमान में बादल छाए रहने के कारण हेलिकॉप्टर से बचाव अभियान चलाने में मुश्किलें आ सकती हैं। प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और प्रभावित परिवारों तक भोजन, पानी तथा जरूरी सहायता उपलब्ध कराना है।
फिलहाल चक्रवात कमजोर पड़ चुका है, लेकिन इसके बाद बने मौसमी हालात कई राज्यों के लिए चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान देने तथा तेज हवा, बिजली चमकने और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की जरूरत है।