फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कॉकपिट हमले के दौरान यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माछर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर को फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने उनके साहस, सूझबूझ और मुश्किल हालात में संयम की सराहना करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर हुए हमले के बाद चर्चा में आए भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माछर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर को फोन पर बातचीत की। इस दौरान पीएम मोदी ने कैप्टन माछर के साहस, सूझबूझ और मुश्किल परिस्थिति में दिखाए गए संयम की सराहना की। बातचीत के दौरान स्मित माछर ने प्रधानमंत्री को उस खौफनाक घटना के बारे में बताया और यह भी साझा किया कि हमले के दौरान उन्हें किस चीज से हिम्मत मिली। प्रधानमंत्री ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है। इस बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित भावुक भी नजर आए और उन्होंने पीएम मोदी से बात करने को अपने लिए बेहद खास पल बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित की बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ और संयम ने बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाने में मदद की। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि देश को उनके साहस पर गर्व है। उन्होंने स्मित से कहा कि भारत के लोग उनके स्वास्थ्य और जल्द ठीक होने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित की पत्नी और उनके माता-पिता से भी बातचीत की और परिवार को भरोसा दिलाया कि पूरा देश उनके साथ है। पीएम मोदी ने स्मित के जल्द स्वस्थ होकर भारत लौटने की इच्छा भी जताई।
दरअसल, यह पूरा मामला 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में सामने आया था। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था और इसमें 170 से अधिक यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित माछर और उनके को-पायलट के बीच हिंसक घटना हुई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा और कुछ ही समय में हजारों फीट की ऊंचाई कम हो गई। विमान से आपात संकेत भी प्रसारित हुआ, जिसके बाद स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगा।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने स्थिति को संभालने की कोशिश जारी रखी। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। विमान को इसके बाद सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई। रिपोर्टों में बताया गया है कि घटना के बाद दोनों पायलटों को चिकित्सा सहायता दी गई। कैप्टन स्मित को बाद में इलाज के लिए अबू धाबी ले जाया गया और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई।
कैप्टन स्मित माछर के करियर की बात करें तो वह भारतीय नागरिक हैं और जून 2022 से फ्लाईदुबई में कैप्टन के तौर पर काम कर रहे हैं। इससे पहले वह करीब 11 साल तक स्पाइसजेट के साथ जुड़े रहे थे। घटना के बाद उनकी बहादुरी की भारत और विदेशों में चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई नेताओं और अधिकारियों ने उनके साहस की सराहना की। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में भी इस घटना को विमान में एक गंभीर सुरक्षा संकट के तौर पर बताया गया है।
घटना के पीछे की पूरी वजह और को-पायलट के इरादे को लेकर जांच अभी जारी है। संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और इजरायल की संबंधित एजेंसियां घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही हैं। इजरायली अधिकारियों ने इसे जानबूझकर विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताया है, जबकि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। इस घटना ने एक तरफ विमान सुरक्षा और कॉकपिट प्रोटोकॉल को लेकर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी तरफ गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित माछर द्वारा दिखाई गई सूझबूझ और संकट से निपटने की क्षमता को लेकर व्यापक चर्चा हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी और कैप्टन स्मित माछर के बीच हुई बातचीत ने इस पूरे घटनाक्रम को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। पीएम मोदी ने जहां उनके साहस और संयम की सराहना की, वहीं स्मित ने उस मुश्किल घड़ी में अपने अनुभव साझा किए। अब उनका इलाज जारी है और उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद जताई जा रही है। फ्लाईदुबई की इस घटना की जांच के साथ-साथ यह भी देखा जा रहा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए विमान सुरक्षा व्यवस्था में क्या कदम उठाए जा सकते हैं।