देश में कुत्तों के काटने के मामले 3 साल में 17 लाख बढ़े, प्रतिबंध के बावजूद बिक रहीं खतरनाक नस्लें
देश में कुत्तों के काटने के मामले 2023 के 30.43 लाख से बढ़कर 2025 में 47.48 लाख हो गए। केंद्र ने मार्च 2024 में करीब 23 खतरनाक नस्लों के आयात, प्रजनन और बिक्री पर रोक लगाई थी, लेकिन कमजोर निगरानी से ये अब भी बिक रही हैं।
सड़क पर कुत्ते — प्रतीकात्मक फोटो: Biswarup Ganguly / Wikimedia Commons (CC BY 3.0)
देश में कुत्तों के काटने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। आंकड़ों के मुताबिक 2023 में देशभर में कुत्तों के काटने के 30.43 लाख मामले दर्ज हुए थे, जो 2024 में बढ़कर 37.17 लाख और 2025 में 47.48 लाख हो गए। यानी सिर्फ दो साल में करीब 17 लाख मामले बढ़ गए हैं।
चिंता की बात यह है कि जिन खतरनाक नस्लों पर सरकार रोक लगा चुकी है, वे भी कई राज्यों में खुलेआम बेची जा रही हैं। केंद्र सरकार ने मार्च 2024 में करीब 23 नस्लों को खतरनाक मानते हुए उनके आयात, प्रजनन और बिक्री पर रोक के निर्देश दिए थे।
सड़क पर कुत्ते (प्रतीकात्मक) — प्रतीकात्मक फोटो: AVasanth (WMF) / Wikimedia Commons (CC BY 4.0)
राज्यों में पंजीकरण की हालत
पालतू कुत्तों के पंजीकरण और बिक्री की निगरानी कई राज्यों में बेहद कमजोर है।
उत्तर प्रदेश: अप्रैल से अब तक करीब 3,400 कुत्तों का लाइसेंस
उत्तराखंड: सिर्फ करीब 100 कुत्ते पंजीकृत
हरियाणा: सिर्फ 9 पंजीकृत विक्रेता
पंजाब: करीब 30,000 कुत्ते नसबंदी के इंतजार में
लापरवाह मालिकों पर सजा का प्रावधान
कानून में पालतू जानवर को लेकर लापरवाही बरतने वाले मालिकों पर छह महीने तक की सजा, पांच हजार रुपये तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। लेकिन निगरानी और पंजीकरण की कमजोर व्यवस्था की वजह से ज्यादातर मामलों में कार्रवाई नहीं हो पाती।
कुत्ता काटे तो क्या करें
कुत्ते के काटने पर घाव को तुरंत 15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से धोएं। घाव पर मिर्च, तेल या कोई घरेलू लेप न लगाएं। उसी दिन नजदीकी सरकारी अस्पताल जाकर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाएं, यह सरकारी अस्पतालों में मुफ्त मिलती है। डॉक्टर के बताए सभी डोज पूरे करें। बच्चों को आवारा कुत्तों को छेड़ने या उनके पास खाना लेकर जाने से रोकें।
पालतू कुत्ता रखने वाले अपने नगर निगम या नगर पालिका में पंजीकरण जरूर कराएं, उसका टीकाकरण समय पर कराएं और सार्वजनिक जगहों पर पट्टे के साथ ही बाहर ले जाएं।