शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026
लोकतंत्र लाइव टीवी लोगो
ब्रेकिंग

जिउतिया पर मातम: पूर्वी चंपारण में तालाब में डूबीं चार बच्चियां, दो सगी बहनें भी शामिल

बिहार के पूर्वी चंपारण के पहाड़पुर प्रखंड के बनकट गांव में जिउतिया पर्व पर तालाब में नहाने गईं चार बच्चियों की डूबकर मौत हो गई। मृतकों में 13 और 10 साल की दो सगी बहनें भी हैं। पूरे गांव में मातम पसरा है।

म
मुख्य संपादक

2 मिनट पूर्वी चंपारण

शेयर करें:
जिउतिया पर मातम: पूर्वी चंपारण में तालाब में डूबीं चार बच्चियां, दो सगी बहनें भी शामिल
मोतिहारी, पूर्वी चंपारण — प्रतीकात्मक फोटो: Saddam Hussain Ansari / Wikimedia Commons (CC BY 4.0)

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में शुक्रवार को जिउतिया पर्व की खुशियां मातम में बदल गईं। पहाड़पुर प्रखंड के बनकट गांव (वार्ड सात) में तालाब में नहाने गईं चार बच्चियों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में दो सगी बहनें भी हैं।

बताया गया कि बच्चियां जिउतिया पर्व पर पारंपरिक स्नान के लिए गांव के तालाब पर गई थीं। नहाते समय चारों गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। शोर सुनकर ग्रामीण दौड़े और चारों को पानी से बाहर निकाला। उन्हें पहाड़पुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।

मोतिहारी, पूर्वी चंपारण
मोतिहारी, पूर्वी चंपारण — प्रतीकात्मक फोटो: Mce motihari / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

मृत बच्चियों की पहचान

  • सोनामती, 13 वर्ष, पुत्री सरिता देवी
  • फूलमती, 10 वर्ष, पुत्री सरिता देवी
  • सोनाली कुमारी, 10 वर्ष, पुत्री तारा देवी
  • प्रतिमा कुमारी, 12 वर्ष, पुत्री सुगंती देवी

अधिकारी पहुंचे, पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी भेजा। प्रखंड विकास पदाधिकारी अखिलेश कुमार और अंचलाधिकारी रामसेवक पासवान ने भी गांव पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। स्थानीय विधायक के भाई रतन तिवारी ने भी पीड़ित परिवारों से मिलकर संवेदना जताई। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता देने की मांग की है।

इसी दिन पटना में भी नहाय-खाय के दौरान गंगा में नहाते समय 14 साल के एक किशोर की डूबने से मौत हो गई।

त्योहारों पर पानी में उतरें तो सावधान रहें

छठ, जिउतिया और दूसरे पर्वों पर तालाब और नदी घाटों पर भीड़ रहती है। बच्चों को कभी अकेले पानी में न जाने दें। गहराई का अंदाजा न हो तो किनारे पर ही स्नान करें। गांव के तालाबों के गहरे हिस्सों को रस्सी या बांस से घेरना और घाटों पर गोताखोर की व्यवस्था करना ऐसे हादसे रोक सकता है।

ऐसी ही और खबरों के लिए पढ़ें: बिहार की ताजा खबरें

शेयर करें:

ये भी पढ़ें

और देखें →