दुनिया के मौसम पर असर डालने वाला अल नीनो आने वाले महीनों में और मजबूत हो सकता है। Financial Express ने विश्व मौसम विज्ञान संगठन के आठ अक्टूबर के आकलन के हवाले से बताया है कि दिसंबर के आसपास इसकी तीव्रता चरम पर पहुंचने की संभावना है।
रिपोर्ट के अनुसार, संगठन ने फरवरी 2027 तक इसके बने रहने की बहुत अधिक संभावना जताई। तापमान सामान्य से ऊपर रहने और बारिश का वितरण बदलने का जोखिम अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रूप में सामने आ सकता है।
आकलन में इसे 1950 के बाद के सबसे मजबूत घटनाक्रमों में शामिल होने की संभावना बताया गया है, निश्चित परिणाम नहीं। इस वैश्विक अनुमान से भारत के किसी एक जिले में बारिश, बाढ़ या सूखे की तारीख तय नहीं होती। स्थानीय मौसम के लिए क्षेत्रीय पूर्वानुमान अलग से महत्वपूर्ण हैं।





