एशियन गेम्स: हरियाणा के अंकुश, परवीन और सुजीत ने जीता गोल्ड, गांवों में जश्न
एशियन गेम्स 2026 में हरियाणा के अंकुश पंघाल ने 80 किलो, परवीन हुड्डा ने 65 किलो मुक्केबाजी और सुजीत कलकल ने कुश्ती में स्वर्ण पदक जीता। अंकुश ने दक्षिण कोरिया के मुक्केबाज को 4-0 से हराया, जबकि परवीन ने पेरिस ओलंपिक पदक विजेता को मात दी।
मुक्केबाजी का मुकाबला (प्रतीकात्मक) — प्रतीकात्मक फोटो: Ministry of Youth Affairs and Sports / Wikimedia Commons (GODL-India)
एशियन गेम्स 2026 में एक बार फिर हरियाणा के खिलाड़ियों ने देश का मान बढ़ाया है। हरियाणा के तीन खिलाड़ियों अंकुश पंघाल, परवीन हुड्डा और सुजीत कलकल ने स्वर्ण पदक जीते हैं। मुक्केबाजी में अंकुश और परवीन ने गोल्ड जीता, जबकि सुजीत कलकल ने कुश्ती में भारत को इन खेलों का पहला स्वर्ण दिलाया।
अंकुश की जीत के साथ मुक्केबाजी में भारत के खाते में इन खेलों का तीसरा स्वर्ण आया। इससे पहले लवलीना बोरगोहेन भी गोल्ड जीत चुकी हैं।
मुक्केबाजी का मुकाबला (प्रतीकात्मक) — प्रतीकात्मक फोटो: Ministry of Youth Affairs and Sports / Wikimedia Commons (GODL-India)
अंकुश पंघाल: एकतरफा फाइनल
हिसार जिले के भेरिया गांव के अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किलो वर्ग के फाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिनसियोंग को 4-0 से हराया। पूरे मुकाबले में अंकुश हावी रहे और कोरियाई मुक्केबाज को वापसी का मौका नहीं दिया।
परवीन हुड्डा: ओलंपिक पदक विजेता को हराया
रोहतक जिले के रुड़की गांव की परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किलो वर्ग के फाइनल में चीनी ताइपे की चेन नियन-चिन को 3-2 के विभाजित फैसले से हराया। चेन नियन-चिन पूर्व विश्व चैंपियन और पेरिस ओलंपिक की पदक विजेता हैं, इसलिए परवीन की यह जीत बेहद खास मानी जा रही है।
सुजीत कलकल: कुश्ती में पहला गोल्ड
पहलवान सुजीत कलकल ने कुश्ती में भारत का इन खेलों का पहला स्वर्ण पदक जीता। ग्रीको-रोमन में नितेश ने रजत पदक जीता, हालांकि इस शैली में भारत का एशियन गेम्स चैंपियन का इंतजार जारी है।
अंकुश पंघाल: पुरुष 80 किलो मुक्केबाजी, स्वर्ण, गांव भेरिया (हिसार)
परवीन हुड्डा: महिला 65 किलो मुक्केबाजी, स्वर्ण, गांव रुड़की (रोहतक)
सुजीत कलकल: कुश्ती, स्वर्ण
इसी दिन भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने भी दक्षिण कोरिया को हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण जीता। हरियाणा के गांवों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर छा जाने वाले ये खिलाड़ी बताते हैं कि सही प्रशिक्षण मिले तो देसी प्रतिभा किसी से कम नहीं।