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महाप्रभु जगन्नाथ को वापस मिली 1.5 एकड़ 'अमृत मनोही' जमीन: ओडिशा राजस्व बोर्ड ने 2002 का बदलाव पलटा

ओडिशा राजस्व बोर्ड ने पुरी में गुंडिचा मंदिर के पास करीब 1.5 एकड़ 'अमृत मनोही' जमीन को फिर से भगवान जगन्नाथ के नाम दर्ज करने का आदेश दिया है। 1889 से महाप्रभु के नाम दर्ज यह जमीन 2002 में निजी नामों पर चढ़ा दी गई थी।

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मुख्य संपादक

2 मिनट पुरी

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महाप्रभु जगन्नाथ को वापस मिली 1.5 एकड़ 'अमृत मनोही' जमीन: ओडिशा राजस्व बोर्ड ने 2002 का बदलाव पलटा
पुरी का गुंडिचा मंदिर — प्रतीकात्मक फोटो: Aditya Mahar / Wikimedia Commons (CC BY-SA 3.0)

पुरी के श्रीजगन्नाथ मंदिर की जमीन से जुड़े एक अहम मामले में ओडिशा राजस्व बोर्ड ने बड़ा फैसला दिया है। बोर्ड ने गुंडिचा मंदिर के पास करीब 1.5 एकड़ कीमती 'अमृत मनोही' जमीन को फिर से भगवान जगन्नाथ के नाम दर्ज करने का आदेश दिया है। अमृत मनोही वह जमीन होती है, जिसकी आय महाप्रभु के भोग के लिए इस्तेमाल होती है।

मौजा तालबनिया में स्थित यह जमीन 1889 के रिकॉर्ड में 'अमृत मनोही' दर्जे के साथ भगवान जगन्नाथ के नाम दर्ज थी। लेकिन 2002 में इसका रिकॉर्ड बदलकर निजी लोगों के नाम कर दिया गया और बाद में रजिस्टर्ड बैनामों के जरिए यह कई लोगों को बेच दी गई।

पुरी का गुंडिचा मंदिर
पुरी का गुंडिचा मंदिर — प्रतीकात्मक फोटो: Government of Odisha / Wikimedia Commons (CC BY 4.0)

बोर्ड ने खुद लिया संज्ञान

राजस्व बोर्ड ने ओडिशा सर्वे एवं सेटलमेंट अधिनियम, 1958 की धारा 32 के तहत खुद संज्ञान लेकर पुराने और नए रिकॉर्ड, बैनामे और मंदिर की संपत्ति से जुड़े कानूनों की जांच की। श्रीजगन्नाथ मंदिर अधिनियम, 1955 की धारा 16(2) के तहत मंदिर प्रबंध समिति के कब्जे वाली किसी भी अचल संपत्ति को बेचने या हस्तांतरित करने से पहले राज्य सरकार की मंजूरी जरूरी है। इस मामले में ऐसी कोई मंजूरी नहीं मिली।

क्या है आदेश

  • जमीन: करीब 1.5 एकड़, मौजा तालबनिया, गुंडिचा मंदिर के पास, पुरी
  • मूल रिकॉर्ड: 1889, 'अमृत मनोही' दर्जा, भगवान जगन्नाथ के नाम
  • 2002: रिकॉर्ड बदलकर निजी नाम, फिर बिक्री
  • आदेश: जमीन 'श्रीजगन्नाथ महाप्रभु बिजे, पुरी, मंदिर प्रबंध समिति के माध्यम से' दर्ज हो

बोर्ड के सदस्य सत्यब्रत साहू ने सेटलमेंट अधिकारियों को रिकॉर्ड सुधारने और श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक को जमीन वापस महाप्रभु के खाते में लाने का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि यह फैसला मंदिर की दूसरी जमीनों से जुड़े मामलों में भी नजीर बनेगा।

ओडिशा से जुड़ी दूसरी अहम खबर में महानदी जल विवाद पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों की बैठक हुई है।

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