जालौन जिले में ई-केवाईसी की 30 सितंबर की आखिरी तारीख निकलने के बाद 52,583 एलपीजी उपभोक्ताओं की गैस सप्लाई रोक दी गई है। जिले में कुल 3,49,668 उपभोक्ता हैं। कई बुजुर्गों का अंगूठा और आंख की पुतली स्कैन न होने से वे केवाईसी नहीं करा पा रहे।
जालौन जिले में हजारों परिवारों की रसोई पर संकट आ गया है। एलपीजी कनेक्शन की ई-केवाईसी न कराने वाले 52,583 उपभोक्ताओं की गैस सप्लाई रोक दी गई है। ई-केवाईसी की आखिरी तारीख 30 सितंबर थी। इसके बाद इन उपभोक्ताओं का डेटा सॉफ्टवेयर में अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया गया, जिससे वे सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे।
जिले में 36 गैस एजेंसियों के जरिए कुल 3,49,668 उपभोक्ताओं को गैस मिलती है। इनमें इंडेन के 2,48,556 और भारत गैस व एचपी गैस के कुल 1,01,112 उपभोक्ता हैं।
बुजुर्गों की सबसे बड़ी परेशानी
सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्ग उपभोक्ताओं को हो रही है। उम्र के साथ उंगलियों के निशान घिस जाने से बायोमेट्रिक मशीन पर उनका अंगूठा नहीं लगता और कई मामलों में आंख की पुतली (रेटिना) का स्कैन भी नहीं हो पा रहा। कई बुजुर्ग एजेंसी के कई चक्कर लगा चुके हैं। मजबूरी में कुछ परिवार कनेक्शन घर के किसी दूसरे सदस्य के नाम ट्रांसफर करा रहे हैं।
महंगा पड़ रहा दूसरा विकल्प
सप्लाई बंद होने पर कई लोग छोटे सिलेंडर खरीदने को मजबूर हैं। 5 किलो का सिलेंडर पहली बार करीब 1,500 रुपये और रिफिल करीब 900 रुपये में मिल रहा है। 10 किलो का सिलेंडर पहली बार करीब 4,500 रुपये और रिफिल करीब 1,500 रुपये का पड़ रहा है।
आईओसीएल के एरिया मैनेजर भूपेंद्र नौटियाल का कहना है कि उपभोक्ताओं को लगातार केवाईसी के लिए जागरूक किया गया था। तय तारीख के बाद 52,583 उपभोक्ताओं की सप्लाई रोकी गई है।
गैस सप्लाई दोबारा कैसे शुरू कराएं
- अपनी गैस एजेंसी पर आधार कार्ड और गैस कनेक्शन की पासबुक लेकर जाएं
- इंडेन, भारत गैस या एचपी के मोबाइल ऐप से भी फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए ई-केवाईसी हो सकती है
- अंगूठा न लगने पर एजेंसी से फेस ऑथेंटिकेशन या दूसरे विकल्प के बारे में पूछें
- केवाईसी पूरी होते ही सप्लाई फिर शुरू हो जाती है
बुलंदशहर में भी ई-केवाईसी न कराने पर एक लाख से ज्यादा घरेलू गैस कनेक्शन ब्लॉक किए गए हैं।
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