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Jalaun News: पराली जलाने वाले तीन किसान पकड़े गए, लापरवाह कर्मचारियों पर भी कार्रवाई

Jalaun News: जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करने पर तीन किसानों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। प्रवर्तन टीम ने तीनों किसानों को पराली जलाते हुए रंगे हाथों पकड़ा और पुलिस…

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V K Singh

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Jalaun News: पराली जलाने वाले तीन किसान पकड़े गए, लापरवाह कर्मचारियों पर भी कार्रवाई

Jalaun News: जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करने पर तीन किसानों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। प्रवर्तन टीम ने तीनों किसानों को पराली जलाते हुए रंगे हाथों पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया।

किन किसानों पर हुई कार्रवाई

प्रवर्तन टीम की जांच के दौरान ये किसान पराली जलाते हुए मिले—

  • विनोद सिंह पुत्र शत्रुघ्न सिंह, निवासी सिरसा कलार
  • सूबेदार पुत्र भुलई, निवासी ग्राम खोडन
  • आशु पुत्र राजेश, निवासी ग्राम छानी अहीर

बताया गया कि टीम द्वारा कई बार समझाने के बावजूद ये किसान मानने को तैयार नहीं थे, जिसके बाद उन्हें मौके पर ही पकड़ा गया।

इस पूरी कार्रवाई में मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, उप कृषि निदेशक एस.के. उत्तम तथा उनकी संयुक्त प्रवर्तन टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने क्षेत्र में लगातार गश्त कर पराली जलाने की घटनाओं पर पैनी निगरानी बनाए रखी।

लेखपालों और ग्राम पंचायत अधिकारियों की लापरवाही उजागर

जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित क्षेत्रों में तैनात लेखपालों और ग्राम पंचायत अधिकारियों ने किसानों को जागरूक करने अथवा रोकथाम से जुड़े आवश्यक कदम नहीं उठाए। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए प्रशासन ने तीन लेखपालों और दो ग्राम पंचायत अधिकारियों पर भी कार्रवाई की है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पराली जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और जनस्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है। प्रशासन ने कहा कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने वाले किसानों के साथ-साथ ऐसे अधिकारी-कर्मचारी भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे जो रोकथाम के दायित्वों का पालन नहीं करेंगे।

किसानों से अपील

प्रशासन ने जनपद के सभी किसानों से अपील की है कि वे पराली प्रबंधन के वैकल्पिक उपाय अपनाएं और कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करें, ताकि स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण संरक्षण में सहयोग सुनिश्चित किया जा सके। नियम तोड़ने वालों को किसी भी स्तर पर राहत न देने की भी चेतावनी दी गई है।

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