दुनिया भर में करोड़ों पाठकों के चहेते ब्रिटिश लेखक जेफ्री आर्चर का 86 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके प्रकाशक हार्परकॉलिन्स ने एक बयान में बताया कि आर्चर ने सोमवार को अपने घर पर अचानक और शांतिपूर्वक अंतिम सांस ली। भारत में भी उनके निधन की खबर गूगल पर ट्रेंड करती रही, क्योंकि यहां उनके उपन्यासों के बड़ी संख्या में पाठक हैं।
‘केन एंड एबेल’ से मिली दुनिया भर में पहचान
जेफ्री आर्चर को सबसे ज्यादा पहचान उनके उपन्यास ‘केन एंड एबेल’ से मिली। उनकी किताबें 119 देशों में 49 भाषाओं में 30 करोड़ से ज्यादा बिकीं। वह कुल 14 साल पांच महीने तक द संडे टाइम्स और करीब साढ़े पांच साल तक द न्यूयॉर्क टाइम्स की बेस्टसेलर सूची में रहे।
राजनीति और विवाद
लेखक बनने से पहले और साथ-साथ आर्चर ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद भी रहे। उनका राजनीतिक करियर विवादों से घिरा रहा और बाद में उन्हें झूठी गवाही (पर्जरी) के मामले में दोषी ठहराया गया था। इसके बावजूद एक लेखक के रूप में उनकी लोकप्रियता बनी रही।



