2005 से कानपुर में होता आ रहा कानपुर आर्थ्रोप्लास्टी कोर्स इस बार 2 से 4 अक्टूबर तक लखनऊ में हो रहा है। आयोजकों के मुताबिक विदेश से आने वाले डॉक्टरों ने कानपुर की खराब सड़कों और सीधी फ्लाइट न होने की वजह से कानपुर आने से मना कर दिया।
कानपुर। शहर की खराब सड़कों, जाम और हवाई संपर्क की कमी का असर अब बड़े आयोजनों पर दिखने लगा है। 2005 से कानपुर में होता आ रहा राष्ट्रीय स्तर का कानपुर आर्थ्रोप्लास्टी कोर्स इस बार 2 से 4 अक्टूबर तक लखनऊ के एक होटल में हो रहा है।
विदेशी डॉक्टरों ने रखी शर्त
आयोजन की साइंटिफिक कमेटी के चेयरमैन डॉ. एएस प्रसाद ने बताया कि विदेश से आने वाले डॉक्टरों ने साफ कहा कि कानपुर की खराब सड़कों और फ्लाइट न होने से उन्हें बहुत परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि आयोजन लखनऊ में होगा तभी वे शामिल होंगे। इसके बाद आयोजकों को कार्यक्रम लखनऊ ले जाना पड़ा।
होटल बुकिंग भी रद्द करनी पड़ी
आयोजकों ने बिठूर के एक होटल में 80 और सिविल लाइंस के एक होटल में 50 कमरे बुक किए थे। आयोजन स्थल बदलने पर ये सभी बुकिंग रद्द करनी पड़ीं। इसका नुकसान शहर के होटल और कारोबार को भी हुआ।
पहले भी जा चुके हैं आयोजन
इस कोर्स की शुरुआत 2005 में कानपुर से हुई थी और 2019 तक इसके सभी संस्करण कानपुर में ही हुए। आयोजकों के मुताबिक इसी तरह की वजहों से लगातार चार सम्मेलन लखनऊ जा चुके हैं। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की हालत और शहर के अंदर जाम को भी परेशानी की वजह बताया गया।
सम्मेलन में क्या है खास
इस बार सम्मेलन की थीम "प्रिसिजन इन आर्थ्रोप्लास्टी - द नेक्स्ट एरा" है। इसमें घुटने और कूल्हे के जोड़ प्रत्यारोपण की नई तकनीकों, एआई के इस्तेमाल और रोबोटिक सर्जरी पर चर्चा और वर्कशॉप हो रही हैं।
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