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चक्रवात ‘अर्णब’ का आंध्र प्रदेश में कहर! 150 किमी/घंटा तक पहुंच सकती हैं हवाएं, कई इलाके जलमग्न

आंध्र प्रदेश में चक्रवात ‘अर्णब’ का कहर! 150 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, कई इलाके जलमग्न—क्या आने वाला है और बड़ा खतरा?

Pawan Kumar

• रिपोर्टर व न्यूज़ संपादक

4 मिनट विशाखापत्तनम

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चक्रवात ‘अर्णब’ का आंध्र प्रदेश में कहर! 150 किमी/घंटा तक पहुंच सकती हैं हवाएं, कई इलाके जलमग्न

विशाखापत्तनम। चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ का असर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दिखाई देने लगा है। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए हैं, बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं और सड़कों पर पानी भर गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, तूफान के तट पार करने के दौरान हवा की रफ्तार 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर यह 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक जाने की आशंका जताई गई है। हालात को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

 तट के करीब पहुंचा चक्रवात, तेज हवाओं का खतरा

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था और आंध्र प्रदेश तथा यनम के तटों को पार करने की प्रक्रिया अगले कुछ घंटों तक जारी रहने की संभावना जताई गई थी। पूर्वानुमान के मुताबिक, इस दौरान तूफान बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में रह सकता है। इसके प्रभाव से तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं, भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरें उठने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।

विशाखापत्तनम में तेज हवाओं के कारण बीच रोड और सीथाम्माधारा की ओर जाने वाले रास्तों पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। AU कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर विमेन के पास भी एक पेड़ उखड़ने की खबर है। कुछ क्षेत्रों में बिजली के तार टूटने और सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 विशाखापत्तनम और आसपास के जिलों में भारी बारिश

चक्रवात के प्रभाव से अनाकापल्ली, विशाखापत्तनम, काकीनाडा और कोनासीमा जिलों के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज होने की जानकारी दी गई है। संबंधित जिलों के अधिकारियों ने तेज हवाओं और बारिश के कारण पेड़ गिरने तथा सामान्य गतिविधियां प्रभावित होने की बात कही है।

ओडिशा के गंजाम जिले के गोपालपुर में भी समुद्र में उथल-पुथल, तेज हवाओं और भारी बारिश की स्थिति बताई गई है। तटीय इलाकों में खराब मौसम के चलते लोगों को समुद्र के किनारे जाने से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के अधिकारी चक्रवात की दिशा, गति और तटीय जिलों पर पड़ने वाले प्रभाव पर नजर रखे हुए हैं। मौसम की स्थिति के अनुसार आवश्यक सावधानियां बरतने और प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।

 काकीनाडा में बाढ़ के पानी में फंसे चार लोगों को बचाया

चक्रवात के कारण काकीनाडा जिले के ‘बॉम्बे कट्टा’ इलाके में बाढ़ के पानी से घिरे चार लोगों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस के मुताबिक, चारों लोग सुबह ड्यूटी पर पहुंचे थे, लेकिन भारी बारिश और पानी भर जाने के कारण रात तक वहीं फंसे रहे। उनके आसपास पानी भरने से बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया था।

इसके बाद उन्होंने पुलिस को अपनी स्थिति की जानकारी दी। सूचना मिलने पर बचाव अभियान चलाया गया और चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर वाहन से उनके घर भेज दिया गया। इस घटना ने तटीय क्षेत्रों में जलभराव के कारण पैदा हो रहे जोखिम को उजागर किया है।

 काकीनाडा बंदरगाह के गोदामों में भी लोग फंसे

काकीनाडा एंकोरेज पोर्ट पर स्थित CWC गोदामों में तीन लोगों के फंसे होने की सूचना भी सामने आई। बताया गया कि भारी बारिश और समुद्र का पानी परिसर में घुसने से वहां बाढ़ जैसी स्थिति बन गई तथा बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

रात की शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारी पानी से घिर जाने के कारण गोदाम परिसर से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन टीम और LPA के कर्मचारियों को भी वहां से निकलने में कठिनाई हो रही थी। उपलब्ध जानकारी में इन लोगों के बचाव अभियान के अंतिम परिणाम की पुष्टि नहीं है।

 लोगों से सुरक्षित रहने की अपील

चक्रवात के दौरान तेज हवाओं और भारी बारिश से पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने, जलभराव और यातायात बाधित होने का खतरा बना रहता है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। समुद्र तट, निचले इलाकों और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहना जरूरी है।

प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। बिजली के टूटे तारों और क्षतिग्रस्त पेड़ों से दूरी बनाए रखें तथा आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या पुलिस से संपर्क करें।

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