चक्रवात ‘अर्णब’ का खतरनाक रूप! कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी, 100 किमी/घंटा से ज्यादा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं? मौसम विभाग की चेतावनी से मचा हड़कंप!
नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के प्रभाव से देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बिगड़ने की आशंका जताई गई है। भारी बारिश, तेज हवाओं, आंधी और गरज-चमक को देखते हुए मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया है। आंध्र प्रदेश, यनम, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट बताया गया है, जबकि झारखंड, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अक्टूबर से अगले कई दिनों तक देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
चक्रवात के प्रभाव से तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ इलाकों में तूफान के कारण जनजीवन प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों के लिए प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण हो गया है।
100 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा चल सकती हैं हवाएं
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। तेलंगाना में हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ तेज आंधी चलने का भी पूर्वानुमान है। यहां हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने और कुछ स्थानों पर 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने और यातायात प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।
बंगाल, झारखंड और बिहार में भी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, 28 से 31 अक्टूबर के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में बारिश हो सकती है। बिहार में 29 से 31 अक्टूबर के बीच व्यापक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
इसके अलावा, 28 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। 30 अक्टूबर को विदर्भ में भी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम में इस बदलाव का असर खेती-किसानी और सामान्य जनजीवन पर पड़ सकता है।
उत्तर भारत में भी बदलेगा मौसम
चक्रवात के प्रभाव से उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 से 30 अक्टूबर के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 29 अक्टूबर से 2 नवंबर तक और उत्तराखंड में 28 अक्टूबर से 2 नवंबर के दौरान कुछ स्थानों पर वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
पंजाब में 29 अक्टूबर से 1 नवंबर और हरियाणा, चंडीगढ़ तथा दिल्ली में 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच हल्की बारिश हो सकती है। 29 और 30 अक्टूबर को इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में 29 से 30 अक्टूबर के दौरान कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। ऐसे में किसानों और आम नागरिकों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में तूफान से नुकसान की खबरें
रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के कई जिलों में बुधवार सुबह से तेज हवाओं और भारी बारिश का असर देखने को मिला। कुछ क्षेत्रों में पेड़ उखड़ने और बिजली के तार टूटने की खबरें सामने आईं। काकीनाडा के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को भी चक्रवात के प्रभाव से परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ रिहायशी इलाकों में समुद्र का पानी घरों तक पहुंचने की जानकारी दी गई है।
तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और पानी भरने की घटनाओं के बीच लोगों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। प्रभावित इलाकों में रहने वाले नागरिकों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जाती है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले मैदानों, कमजोर ढांचों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। तेज हवाओं के समय बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। समुद्र के किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।