नई दिल्ली:
देश की राजनीति में उस समय भूचाल आ गया जब विपक्ष के विपक्षी गठबंधन INDIA ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के प्रमुख नेताओं ने केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग पर देश के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने का सीधा आरोप लगाया है।
लोकतंत्र को कुचलने और कठपुतली की तरह काम करने के आरोप
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहे हैं और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली को प्रभावित कर रहे हैं। विपक्ष ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि संवैधानिक पदों पर बैठकर लोकतंत्र के मूल्यों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें इस कदम का जवाब देना होगा।
राहुल गांधी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह लड़ाई केवल किसी एक राजनीतिक दल या व्यक्ति की नहीं है, बल्कि देश के संविधान और हर नागरिक के वोट देने के अधिकार की है। उन्होंने जोर देकर कहा:
 "लोकतंत्र पर हो रहे इस हमले के खिलाफ पूरा INDIA गठबंधन एकजुट है। हम देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए इस लड़ाई को इसके अंतिम मुकाम तक ले जाएंगे।"

सड़क से संसद तक विरोध प्रदर्शन तेज
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली सहित देश के प्रमुख शहरों में विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। विपक्षी सांसदों और नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर एक ज्ञापन भी सौंपा है, जिसमें निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की गई है।
 प्रमुख मांगें | INDIA गठबंधन का रुख 
CEC का इस्तीफा | ज्ञानेश कुमार का तत्काल पद त्याग। 
आगे की राह
विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि वह निर्वाचन आयोग और सरकार के रुख के आगे झुकने वाला नहीं है। इस जनांदोलन में राजनीतिक दलों के साथ-साथ छात्र संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधि भी शामिल हो रहे हैं। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक टकराव और अधिक तीखा होने के आसार हैं।