मुंबई।
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के विभिन्न इलाकों में लोगों की सेहत और जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे फर्जी डॉक्टरों पर मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री और पंजीकरण के मरीजों का इलाज कर रहे 10 कथित फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनके ठिकानों पर छापेमारी की गई है। क्राइम ब्रांच की इस अचानक हुई कार्रवाई से फर्जी डॉक्टरों के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।
6 प्रमुख इलाकों के 9 ठिकानों पर पड़ी रेड
क्राइम ब्रांच की यूनिट-7 (घाटकोपर) को गुप्त सूचना मिली थी कि मुंबई के उपनगरीय इलाकों में बड़े पैमाने पर फर्जी डॉक्टर अपनी दुकानें चला रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने भांडुप, मानखुर्द, कुर्ला, जोगेश्वरी, बोरीवली और दहिसर इलाकों में स्थित 9 क्लीनिकों और दवाखानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।
कार्रवाई के दायरे में आए प्रमुख क्लीनिक:
* संतोष हेल्थ क्लिनिक (भांडुप)
* विनायक हेल्थ क्लिनिक (भांडुप)
* दम दवाखाना (जोगेश्वरी)
* कोहिनूर दवाखाना (जोगेश्वरी)
* अंकुश आयुर्वेदिक दवाखाना (बोरीवली)
* दीपक हर्बल हेल्थ केयर क्लिनिक (दहिसर)
* समर आयुर्वेदिक दवाखाना (मानखुर्द)
(इनके अलावा दो अन्य ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई)
जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
* वैध डिग्री का अभाव: जांच में पाया गया कि ये कथित डॉक्टर बिना किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री (MBBS, BAMS, BUMS आदि) और बिना महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत (Registered) हुए ही गंभीर बीमारियों का इलाज कर रहे थे।
* मरीजों से मोटी वसूली: ये लोग गंभीर बीमारियों से पीड़ित असहाय मरीजों को एलोपैथी, आयुर्वेदिक और यूनानी पद्धतियों से इलाज का दावा करके उनसे मोटी फीस वसूलते थे।
* खुद बनाई दवाएं बेचने का आरोप: कुछ क्लीनिकों में इन फर्जी डॉक्टरों द्वारा खुद तैयार की गई संदिग्ध यूनानी और आयुर्वेदिक दवाइयां बिक्री के लिए रखी गई थीं।
लाखों की दवाइयां व सिरिंज जब्त; कानून के तहत मामला दर्ज
छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब ₹2.20 लाख मूल्य की मेडिकल सामग्री जब्त की है, जिनमें विभिन्न प्रकार की एंटीबायोटिक गोलियां, सीरिंज, बोटलें और अन्य संदिग्ध दवाइयां शामिल हैं।
> कानूनी कार्रवाई: भांडुप पुलिस स्टेशन में महाराष्ट्र मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एक्ट, 1961 की धारा 33 और 36 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
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यह पूरी कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभार, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) कृष्णकांत उपाध्याय, पुलिस उपायुक्त नवनाथ ढवळे और सहायक पुलिस आयुक्त धर्मपाल बनसोडे के सीधे मार्गदर्शन में मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-7 द्वारा अंजाम दी गई है। मामले की आगे की जांच जारी है।