ब्रिटेन में अमेरिकी बमवर्षकों वाले एयरबेस पर साजिश: छठी गिरफ्तारी, ब्रिटिश-ईरानी नागरिक पकड़ा गया
ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस से जुड़ी संदिग्ध आतंकी साजिश में पुलिस ने लंदन के वेस्टमिंस्टर से 25 साल के ब्रिटिश-ईरानी दोहरे नागरिक को गिरफ्तार किया है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि ईरान की भूमिका के मजबूत संकेत हैं, जबकि ईरान ने आरोप नकारे हैं।
ब्रिटेन में अमेरिकी बमवर्षक विमानों के इस्तेमाल वाले RAF फेयरफोर्ड एयरबेस से जुड़ी संदिग्ध आतंकी साजिश की जांच में छठी गिरफ्तारी हुई है। काउंटर टेररिज्म पुलिस ने लंदन के वेस्टमिंस्टर इलाके से 25 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसके पास ब्रिटेन और ईरान दोनों की नागरिकता है। उस पर आतंकी गतिविधि की तैयारी का संदेह है।
इससे पहले इसी मामले में पांच लोगों को एयरबेस के पास से विस्फोटक और आतंकवाद से जुड़े अपराधों के संदेह में पकड़ा गया था। ये सभी लंदन के रहने वाले बीस-पच्चीस साल के ब्रिटिश नागरिक हैं, जिन्हें बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया।
पुलिस के मुताबिक जिन वैन की वजह से एयरबेस के पास सुरक्षा अलर्ट जारी हुआ था, उनमें कोई विस्फोटक उपकरण नहीं मिला, लेकिन पेट्रोल की कुछ मात्रा बरामद हुई। RAF फेयरफोर्ड वही एयरबेस है, जहां से अमेरिकी बमवर्षक विमानों ने ईरान पर हमले किए थे, इसलिए इस मामले को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
ईरान की भूमिका पर सवाल
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने कहा है कि इस घटना में ईरान का हाथ होने के मजबूत संकेत मिले हैं। वहीं ईरान ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है।
मामला: RAF फेयरफोर्ड एयरबेस के पास संदिग्ध साजिश
नई गिरफ्तारी: 25 वर्षीय ब्रिटिश-ईरानी नागरिक, वेस्टमिंस्टर से
पहले पकड़े गए: लंदन के पांच ब्रिटिश युवक, अब जमानत पर
बरामदगी: वैन में पेट्रोल, कोई विस्फोटक उपकरण नहीं
इस घटना के बीच भारत से इजराइल जा रहे विमान को बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित माछर की बहादुरी की भी दुनिया भर में चर्चा है, जिनकी तारीफ इजराइल के प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी की।