मुंबई/अमरावती।
दिल्ली में संसद परिसर से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर 'सेव डेमोक्रेसी मार्च' निकाल रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और INDIA गठबंधन के कई सांसदों को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ महाराष्ट्र में भारी आक्रोश देखने को मिला है। घटना के विरोध में मुंबई यूथ कांग्रेस और अमरावती युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने देर रात सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन और चक्काजाम किया।
मुंबई के बांद्रा रिक्लेमेशन में देर रात प्रदर्शन
मुंबई यूथ कांग्रेस अध्यक्ष जीनत शबरीन के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने रात 11 बजे बांद्रा रिक्लेमेशन (Bandra Reclamation) इलाके में सड़क पर उतरकर यातायात बाधित कर दिया:
1. नारेबाजी: कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
2 . पुलिस से धक्का-मुक्की: विरोध प्रदर्शन को दबाने और ट्रैफिक खुलवाने पहुंची पुलिस के साथ कार्यकर्ताओं की तीखी झड़प हुई।
3 . महिला कार्यकर्ताओं पर बल प्रयोग का आरोप: यूथ कांग्रेस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने महिला कार्यकर्ताओं को बाल पकड़कर घसीटा, पीटा और जबरन पुलिस वैन में बैठाकर हिरासत में ले लिया।
अमरावती के वेलकम पॉइंट पर फूंका पुतला
दूसरी ओर, अमरावती के व्यस्त वेलकम पॉइंट पर युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आक्रामक रुख अपनाया:
1 . टायर व पुतला दहन: कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का प्रतीकात्मक पुतला और गाड़ियों के टायर जलाकर विरोध प्रकट किया।
2 . चक्काजाम: मुख्य चौराहे पर चक्काजाम किए जाने से यातायात ठप हो गया।
3 . पुलिस कार्रवाई: मौके पर पहुंची पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच भारी हाथापाई हुई, जिसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
क्या था पूरा विवाद?
यह पूरा विवाद दिल्ली में मंगलवार (6 अक्टूबर) को हुए घटनाक्रम से जुड़ा है:
1 . 'सेव डेमोक्रेसी मार्च': राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी दलों के सांसदों ने चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च निकालने की कोशिश की थी।
2 . आकाशवाणी भवन पर धरना: सुरक्षाबलों द्वारा रोके जाने के बाद सभी सांसद आकाशवाणी भवन परिसर में सड़क पर ही धरने पर बैठ गए थे।
3 . नेताओं की हिरासत: इसके बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल, प्रियंका और अन्य शीर्ष विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर बस से ले जाया था, हालांकि करीब 2 घंटे की हिरासत के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था।
विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की इसी घटना की आग महाराष्ट्र तक पहुंची, जहां देर रात यूथ कांग्रेस ने उग्र प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया।



