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सौरव दास-आशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी का हमला, बोले- तिरंगा लहराना अपराध नहीं

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है और इसके लिए युवाओं को जेल भेजना कायरतापूर्ण कदम है

Pawan Kumar
Pawan Kumar

3 मिनट नई दिल्ली

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सौरव दास-आशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी का हमला, बोले- तिरंगा लहराना अपराध नहीं

नई दिल्ली।  कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दोनों की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने युवाओं को जेल भेजे जाने को कायरतापूर्ण कार्रवाई बताया।

 राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के बयान को साझा करते हुए प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि छात्र, युवा, पत्रकार और INDIA गठबंधन भले ही अलग-अलग बैनर के तहत प्रदर्शन कर रहे हों, लेकिन उनका उद्देश्य एक है।

राहुल गांधी के मुताबिक, नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने जंतर-मंतर को देश के लोगों का स्थल बताते हुए कहा कि इसे वापस हासिल किया जाएगा।

 अभिजीत दीपके ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि दोनों नेताओं ने ऐसा कौन-सा अपराध किया है, जिसके लिए उन्हें जेल भेजा गया है। उन्होंने तिरंगा लहराने को लेकर भी सवाल उठाया।

दीपके ने स्पष्ट किया कि CJP एक स्वतंत्र प्रेशर ग्रुप है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि वह विपक्षी INDIA गठबंधन के खिलाफ है। उनके मुताबिक, CJP और INDIA गठबंधन अलग-अलग संगठनों के रूप में एक ही उद्देश्य के लिए काम कर रहे हैं।

 जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?

रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने और प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान तय किए जाने के विरोध में मंगलवार को CJP के कार्यकर्ता वहां पहुंचे थे। सौरव दास और आशुतोष रांका ने कथित तौर पर गेट पार कर परिसर में प्रवेश किया और तिरंगा लहराते हुए प्रदर्शन किया।

इसके बाद दिल्ली पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस की ओर से उन पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों का दोबारा उल्लंघन करने और पहले से निर्धारित बेल बॉन्ड की शर्तें तोड़ने का आरोप लगाया गया है।

इससे पहले 10 अक्टूबर को भी सौरव दास और आशुतोष रांका को पुलिस ने हिरासत में लिया था। अदालत से शर्तों के साथ रिहाई मिलने के बाद मंगलवार की घटना में उन्हें दोबारा हिरासत में लिया गया। इसके बाद अदालत ने दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

 ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी है विरोध

CJP और INDIA गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी दल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर भी सवाल उठा रहे हैं और इसमें कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे हैं।

राहुल गांधी की ताजा प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। जहां कांग्रेस नेता ने प्रदर्शनकारियों के अधिकारों का समर्थन किया है, वहीं पुलिस की कार्रवाई का आधार बताए जा रहे प्रतिबंधों और बेल बॉन्ड की शर्तों को लेकर कानूनी कार्यवाही जारी है।

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