उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई। पांच वितरण उपकेंद्र अलग-अलग समय पर बंद रहने से करीब दो लाख की आबादी को उमस के बीच परेशानी झेलनी पड़ी।
सुल्तानपुर। जिले में शुक्रवार को बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने से करीब दो लाख लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अलग-अलग समय पर पांच वितरण उपकेंद्र बंद रहने से शहर और ग्रामीण इलाकों में बिजली संकट बना रहा। उमस भरी गर्मी के बीच बिजली गुल होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी कामकाज प्रभावित हुआ। हालांकि, मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद शाम तक कई इलाकों में आपूर्ति बहाल कर दी गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
मरम्मत कार्य के चलते बंद रहे उपकेंद्र
पयागीपुर पारेषण उपकेंद्र परिसर में एसटी लाइनों और संयंत्रों की मरम्मत के लिए शुक्रवार सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक केएनआई, भदैंया और पुलिस लाइन वितरण उपकेंद्र बंद रखे गए। इसके अलावा मरम्मत कार्य के कारण असरोगा उपकेंद्र करीब छह घंटे और शहर का डाकखाना उपकेंद्र लगभग तीन घंटे बंद रहा।
बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर आम लोगों के साथ कारोबारियों पर भी पड़ा। करौंदिया के दुकानदार रमेश कुमार ने बताया कि बिजली नहीं रहने से कॉम्प्लेक्स में पर्याप्त रोशनी नहीं थी। इसके चलते ग्राहकों को दुकानों में सामान देखने में परेशानी हुई। वहीं, सिविल लाइन के व्यवसायी जानकी के मुताबिक, बिजली से संबंधित उपकरणों की बिक्री भी प्रभावित रही। अवर अभियंता पंकज गुप्ता ने बताया कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद शाम चार बजे आपूर्ति बहाल कर दी गई।
असरोगा के पांच फीडर छह घंटे रहे बंद
अलीगंज क्षेत्र में असरोगा उपकेंद्र से जुड़े पांच फीडर शुक्रवार सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक बंद रहे। इनमें धम्मौर, बंधुआकला, कुड़वार, मझना और दाउदपुर फीडर शामिल हैं। इनके बंद रहने से करीब 40 हजार लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। कुछ इलाकों में बिजली न होने के कारण पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
एसडीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि शटडाउन लेकर पेड़ों की डालों की छंटाई कराई गई, ताकि बिजली लाइनों पर पेड़ों की शाखाओं से होने वाली परेशानी को दूर किया जा सके। निर्धारित कार्य पूरा होने के बाद आपूर्ति बहाल की गई।
एचटी लाइन पर पेड़ गिरने से 35 गांवों की बिजली गुल
भदैंया क्षेत्र में पयागीपुर पारेषण बिजलीघर से भदैंया उपकेंद्र आने वाली हाईटेंशन (एचटी) लाइन में बृहस्पतिवार रात करीब 11:30 बजे फॉल्ट आ गया। इसके कारण लगभग 35 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रातभर बिजली न मिलने से ग्रामीणों को मोबाइल फोन चार्ज करने और पानी की व्यवस्था करने में परेशानी हुई।
शुक्रवार सुबह से बिजली विभाग के कर्मचारी फॉल्ट ठीक करने में जुटे रहे। मरम्मत के बाद सुबह करीब 11:30 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। अवर अभियंता जियालाल ने बताया कि लाइन में आए फॉल्ट को ठीक कराने के बाद बिजली चालू कर दी गई।
कई अन्य इलाकों में भी आपूर्ति प्रभावित
जिले के अन्य क्षेत्रों में भी बिजली संकट की स्थिति बनी रही। कूरेभार के मुसहन नचना में हाईटेंशन लाइन पर पेड़ गिरने से करीब तीन घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। वहीं, सेऊर और पुरखी फीडर लगभग दो घंटे बंद रहे। फरीदीपुर उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति भी करीब दो घंटे प्रभावित हुई।
लगातार अलग-अलग स्थानों पर बिजली बाधित रहने से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। कहीं मरम्मत कार्य के लिए शटडाउन लिया गया तो कहीं लाइन में फॉल्ट और पेड़ों की डालों के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई।
शाम तक आपूर्ति बहाल होने से मिली राहत
शुक्रवार को जिले में बिजली संकट की वजह से घरेलू कामकाज, पानी की उपलब्धता और दुकानदारों के कारोबार पर असर पड़ा। खासकर लंबे समय तक बिजली बंद रहने वाले इलाकों में लोगों को अधिक परेशानी हुई। हालांकि, संबंधित उपकेंद्रों और फीडरों पर मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद अलग-अलग समय पर आपूर्ति बहाल की गई।
बिजली विभाग के सामने अब लाइनों की नियमित निगरानी और तकनीकी खराबियों को समय पर दूर करने की चुनौती है, ताकि लोगों को लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना न करना पड़े।