पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार, 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया और 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष को रोकने का श्रेय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दिया। करीब 23 मिनट के अपने भाषण में शरीफ ने ट्रंप की नेतृत्व क्षमता और कथित समय पर हस्तक्षेप की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के समय पर किए गए हस्तक्षेप से दक्षिण एशिया में करोड़ों लोगों की जान बची। हालांकि, उनके इस दावे पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में मौजूद भारतीय डिप्लोमैट आर. श्रीनिवास की प्रतिक्रिया चर्चा में आ गई। रिपोर्ट के मुताबिक, शरीफ की बातों के दौरान भारतीय राजनयिक हंसते नजर आए।
शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन के दौरान 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच तनाव को खत्म करने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका अहम रही। ट्रंप भी इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाने का दावा कर चुके हैं। हालांकि, भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि संघर्षविराम के संबंध में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता या हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया गया। भारत के मुताबिक, पाकिस्तान के साथ सैन्य कार्रवाई और उसके बाद की स्थिति से जुड़े फैसले दोनों देशों के बीच सीधे संपर्क के माध्यम से हुए थे।
शरीफ ने अपने भाषण में कश्मीर मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में भविष्य में 2025 जैसे हालात दोबारा पैदा न हों, इसके लिए कश्मीर मुद्दे का न्यायसंगत और निष्पक्ष समाधान जरूरी है। पाकिस्तान लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाता रहा है, जबकि भारत उसके दावों को लगातार खारिज करता आया है। भारत का आधिकारिक रुख रहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और इस मुद्दे पर पाकिस्तान को आतंकवाद तथा सीमा पार हिंसा को लेकर अपनी नीति बदलनी चाहिए। ऐसे में UNGA के मंच से शरीफ द्वारा कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल की प्रतिक्रिया भी चर्चा का विषय बनी।








