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UP Election 2027: आजमगढ़ में ओवैसी का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- PDA के मसीहा ने क्या किया?

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आजमगढ़ में जनसभा के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने SIR के बाद मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि खुद को PDA का मसीहा बताने वाले अखिलेश यादव ने मतदाताओं के नाम बचाने के लिए क्या किया।

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Pawan Kumar

3 मिनट आजमगढ़

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UP Election 2027: आजमगढ़ में ओवैसी का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- PDA के मसीहा ने क्या किया?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं।

UP Politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हैं। इसी बीच AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आजमगढ़ में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और वोटर लिस्ट के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाने पर लिया। ओवैसी ने PDA का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि खुद को पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों का हितैषी बताने वाले नेताओं ने इस मामले में क्या काम किया है?

 SIR के मुद्दे पर ओवैसी ने उठाए सवाल

असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में SIR की प्रक्रिया के बाद हजारों लोगों के नाम मतदाता सूची से हट गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में अपना नाम जरूर जांच लें। ओवैसी ने कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज होना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसके बिना लोग अपने मतदान के अधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

AIMIM प्रमुख ने अपने संबोधन में दावा किया कि उनकी पार्टी ने हैदराबाद और तेलंगाना में लाखों लोगों के नाम खोजकर उन्हें मतदाता सूची में दोबारा शामिल कराने के लिए प्रयास किए। उन्होंने कहा कि इस काम में अपनी पार्टी के कट्टर विरोधियों की भी मदद की गई, ताकि वे अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकें।

 ‘PDA के मसीहा क्या कर रहे हैं?’

ओवैसी ने SIR के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला। उन्होंने सवाल किया कि PDA के मसीहा इस मामले में क्या कर रहे हैं? ओवैसी के मुताबिक, जब PDA समर्थक सवाल पूछेंगे कि उनके नेताओं ने मतदाताओं के नाम बचाने के लिए क्या कदम उठाए, तब उन्हें अपने काम का जवाब देना होगा।

ओवैसी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी केवल PDA की राजनीति करती है, जबकि उनकी पार्टी जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं को लेकर काम कर रही है। उन्होंने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि वह मुकाबले से नहीं डरते और निष्पक्ष मुकाबले में अपने प्रतिद्वंद्वी को हराना पसंद करते हैं।

 ‘लाल टोपी के साथ जुड़ेंगे तो नेता नहीं बनेंगे’

अपने भाषण में ओवैसी ने समाजवादी पार्टी की ‘लाल टोपी’ का जिक्र करते हुए उसके समर्थकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर लोग समाजवादी पार्टी के साथ जुड़ते हैं, तो वे नेता बनने के बजाय केवल पार्टी के अनुयायी बनकर रह जाएंगे। ओवैसी ने दावा किया कि उनकी पार्टी लोगों को राजनीतिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर देती है।

उन्होंने यह भी कहा कि मजलिस यानी AIMIM ही लोगों के मुद्दों पर काम कर रही है। हालांकि, ये ओवैसी के राजनीतिक आरोप हैं। समाजवादी पार्टी की ओर से इन बयानों पर प्रतिक्रिया सामने आने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

 2027 चुनाव से पहले तेज होगी PDA बनाम AIMIM की सियासत?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले SIR, मतदाता सूची और PDA जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस का हिस्सा बनते दिखाई दे रहे हैं। ओवैसी का आजमगढ़ में दिया गया बयान समाजवादी पार्टी के साथ उनकी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को सामने लाता है। खास तौर पर पूर्वांचल की राजनीति में वोटर लिस्ट और सामाजिक समीकरण चुनावी चर्चा को प्रभावित कर सकते हैं।

फिलहाल, ओवैसी ने लोगों से मतदाता सूची में अपना नाम जांचने की अपील की है और अखिलेश यादव से PDA के दावों पर सवाल पूछे हैं। अब देखना होगा कि समाजवादी पार्टी इन आरोपों का क्या जवाब देती है और आगामी चुनाव में SIR का मुद्दा किस तरह राजनीतिक बहस को दिशा देता है।

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