उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीटों के चुनाव के लिए भाजपा ने 5 अक्टूबर को अपने आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए। पार्टी ने इस बार सभी नए चेहरों पर दांव लगाया है। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत आठ मौजूदा सदस्यों को दोबारा टिकट नहीं मिला। नीरज शेखर का नाम कटने की खबर दिन भर गूगल पर ट्रेंड करती रही।
भाजपा के 8 उम्मीदवार
- धर्मपाल सिंह — योगी सरकार में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री, बरेली के आंवला से
- राधाकांत ओझा
- प्रकाश पाल — संगठन के वरिष्ठ नेता, पिछड़ा वर्ग मोर्चा से जुड़े रहे
- विद्यासागर सोनकर — पूर्व एमएलसी, 1996 में सैदपुर से सांसद रहे
- गोपी कृष्ण पांडेय
- प्रियंका सिंह रावत — 2014 में बाराबंकी से सांसद रहीं
- राम प्रताप सिंह चौहान — प्रदेश महामंत्री, पश्चिमी यूपी में संगठन का काम देखते हैं
- श्रुति गंगवार
किन-किन का टिकट कटा
दोबारा मौका न पाने वालों में अरुण सिंह, सीमा द्विवेदी, बीएल वर्मा, हरदीप सिंह पुरी, नीरज शेखर, बृजलाल, गीता शाक्य और दिनेश शर्मा शामिल हैं। दिनेश शर्मा अब अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल हैं। बलिया से जुड़े नीरज शेखर तीन बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं।
सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश
भाजपा की सूची में तीन पिछड़े, दो दलित और तीन सामान्य वर्ग के चेहरे हैं, जिनमें दो महिलाएं हैं। सूची में ब्राह्मण और ठाकुर समाज को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी ने सभी वर्गों को साधने का संदेश दिया है।



