उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव में भाजपा ने आठ सीटें तय होने के बावजूद नौवां नामांकन पत्र खरीदा है। सपा ने प्रो. रामगोपाल यादव और कारोबारी धनराज नथवानी को उतारा है। अखिलेश यादव ने तीसरा प्रत्याशी उतारने के संकेत दिए हैं।
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। संख्या बल के हिसाब से भाजपा के खाते में आठ और समाजवादी पार्टी के खाते में दो सीटें आती दिख रही हैं, लेकिन भाजपा ने नौवां नामांकन पत्र खरीदकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। इससे सपा में सेंध लगने और क्रॉस वोटिंग की अटकलें तेज हो गई हैं।
भाजपा ने अभी तक नौवें प्रत्याशी के नाम का खुलासा नहीं किया है। पार्टी पहले भी राज्यसभा चुनावों में संख्या से ज्यादा प्रत्याशी उतारकर विपक्ष को चुनौती देती रही है।
सपा के प्रत्याशी
समाजवादी पार्टी ने प्रो. रामगोपाल यादव और कारोबारी धनराज नथवानी को प्रत्याशी बनाया है। दोनों अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संकेत दिया है कि अगर संख्या बल साथ देता है तो पार्टी तीसरा प्रत्याशी भी उतार सकती है।
क्यों अहम है यह चुनाव
- कुल सीटें: 10
- भाजपा: 8 सीटें तय, नौवां नामांकन पत्र खरीदा
- सपा: 2 सीटें तय, प्रत्याशी रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी
- मतदान: 16 अक्टूबर
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह चुनाव दोनों दलों के लिए शक्ति परीक्षण माना जा रहा है। अगर भाजपा नौवां और सपा तीसरा प्रत्याशी उतारती है, तो निर्विरोध चुनाव की संभावना खत्म हो जाएगी और मतदान होगा। ऐसे में दोनों दलों के सामने अपने विधायकों को एकजुट रखने की चुनौती होगी।
जयंत चौधरी पर भी नजर
इसी चुनाव में रालोद अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी को एनडीए कोटे से राज्यसभा भेजने की चर्चा भी चल रही है। जयंत फिलहाल 2022 में सपा के कोटे से मिली सीट पर राज्यसभा सदस्य हैं। राज्यसभा चुनाव में विधायक खुले मतपत्र से वोट देते हैं और पार्टी का अधिकृत एजेंट देख सकता है कि किसने किसे वोट दिया।
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